शबरिमला में सोना चोरी होने के मामले को लेकर एलडीएफ और यूडीएफ के बीच आरोप-प्रत्यारोप
शबरिमला में सोना चोरी होने के मामले को लेकर एलडीएफ और यूडीएफ के बीच आरोप-प्रत्यारोप
तिरुवनंतपुरम, 22 जनवरी (भाषा) केरल में सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) और विपक्षी संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) ने शबरिमला में सोने की चोरी को लेकर विधानसभा के अंदर और बाहर एक दूसरे पर बृहस्पतिवार को आरोप-प्रत्यारोप लगाए।
कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ ने सोना चोरी होने के मुद्दे पर राज्य के देवस्वोम मंत्री वी.एन. वासवन के इस्तीफे की मांग करते हुए विधानसभा की कार्यवाही बाधित की और कथित ‘लूट’ के पीछे मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी (माकपा) का हाथ होने का आरोप लगाया।
विपक्ष पर पलटवार करते हुए, माकपा के नेतृत्व वाले एलडीएफ ने सदन में दावा किया कि शबरिमला से सोने की ‘लूट’ के पीछे कांग्रेस का हाथ था।
इसके बाद मंत्रियों, एम बी राजेश और वी शिवनकुट्टी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी इस मामले में शामिल हैं क्योंकि सोने की चोरी के मामलों में मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी ने दिल्ली स्थित उनके आवास पर उनसे मुलाकात की थी।
शिवनकुट्टी ने यह भी मांग की कि सोनिया गांधी को गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ की जाए, और आरोप लगाया कि शबरिमला से गायब हुआ सोना उन्नीकृष्णन पोट्टी ने उन्हें बेचा था।
विपक्ष के व्यवधान डाले जाने के कारण सदन को दिन भर के लिए स्थगित किए जाने के बाद, एलडीएफ विधायक विधानसभा परिसर से बाहर निकले और पत्रकारों से कहा कि यूडीएफ के रुख से पता चलता है कि वे इस मामले पर चर्चा करने से डरते हैं।
वाम मोर्चे के विधायकों ने कहा कि यूडीएफ द्वारा इस मुद्दे पर चर्चा के लिए सदन को स्थगित करने का नोटिस न देना और इसके बजाय विधानसभा के कामकाज को बाधित करना गैरजिम्मेदाराना व्यवहार है।
उन्होंने यह भी तर्क दिया कि यूडीएफ चर्चा से डर रहा क्योंकि सोने की चोरी में उसकी भी भूमिका थी और सोनिया गांधी की कथित संलिप्तता को छिपाने के लिए भी ऐसा किया जा रहा है।
के.के. शैलजा सहित अन्य एलडीएफ विधायकों ने कहा, ‘हमारे पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है।’’ उन्होंने यह भी कहा कि एसआईटी की जांच से पता चलेगा कि शबरिमला से सोना किसने चुराया था।
दूसरी ओर, यूडीएफ विधायकों ने अपने आरोपों को दोहराते हुए कहा कि वासवन का सोना चोरी में हाथ था और इसीलिए उनके इस्तीफे की मांग की गई।
राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता वी डी सतीशन ने कहा कि इस मामले को लेकर सोनिया गांधी पर आरोप लगाने से ऐसा लगता है कि राजेश और शिवनकुट्टी ने अपना मानसिक संतुलन खो दिया है।
उन्होंने कहा, ‘इस मामले के सिलसिले में माकपा के नेता जेल में हैं। इसलिए सदन में इस पर चर्चा की कोई जरूरत नहीं है।’
कांग्रेस नेता ने कहा कि जब यूडीएफ ने पिछले सत्र के दौरान सदन में इस मामले पर चर्चा करने की कोशिश की, तो इसे इस आधार पर अनुमति देने से इनकार कर दिया गया कि यह मामला अदालत में विचाराधीन है।
उन्होंने कहा, ‘चूंकि वासवन ने इस्तीफा नहीं दिया है, इसलिए इस पर चर्चा करने का कोई मतलब नहीं है।’
उन्होंने यह भी कहा कि उन्नीकृष्णन को मुख्यमंत्री के साथ खड़े देखा गया था, लेकिन विपक्ष ने विजयन को आरोपी बनाने की मांग नहीं की।
भाषा नोमान सुभाष
सुभाष


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