कर्नाटक में विपक्ष के नेता अशोक ने शिवकुमार को शक्तिशाली लॉबी, कचरा माफिया का ‘कमीशन एजेंट’ बताया
कर्नाटक में विपक्ष के नेता अशोक ने शिवकुमार को शक्तिशाली लॉबी, कचरा माफिया का ‘कमीशन एजेंट’ बताया
बेंगलुरु, 12 जून (भाषा) कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार पर निशाना साधते हुए विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने शुक्रवार को उन्हें ‘‘शक्तिशाली लॉबी, ठेकेदारों और कचरा माफिया का कमीशन एजेंट’’ करार दिया।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता की यह प्रतिक्रिया मुख्यमंत्री शिवकुमार के उस आरोप के जवाब में आई, जिसमें उन्होंने कहा था कि अशोक ‘कचरा माफिया के एजेंट’ की तरह बोल रहे हैं। अशोक ने सत्तारूढ़ कांग्रेस पर बेंगलुरु में कथित ‘‘39,000 करोड़ रुपये के कचरा प्रसंस्करण घोटाले’’ में 10,000 करोड़ रुपये की रिश्वतखोरी का आरोप लगाया था।
विपक्ष के नेता ने मुख्यमंत्री को यह चुनौती भी दी कि यदि उनमें थोड़ी भी पारदर्शिता बची है, तो कचरा निविदा विवाद की जांच के लिए गठित उच्चस्तरीय समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक करें।
अशोक ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘डी.के. शिवकुमार जी, हां, मैं एक एजेंट की तरह बोल रहा हूं। लेकिन आपकी तरह शक्तिशाली लॉबी, ठेकेदारों या कचरा माफिया का कमीशन एजेंट नहीं हूं। मैं जनता का एजेंट हूं- 7.5 करोड़ कन्नड़ भाषी लोगों और बेंगलुरु के 1.5 करोड़ नागरिकों की आवाज हूं, जिन्हें आपकी सरकार के भ्रष्टाचार, अक्षमता और कुप्रशासन की कीमत चुकानी पड़ रही है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘विपक्ष के नेता के रूप में घोटालों का पर्दाफाश करना, संदिग्ध निविदाओं पर सवाल उठाना और सरकार को जवाबदेह बनाना कोई विशेषाधिकार नहीं, बल्कि मेरा संवैधानिक कर्तव्य है। इसके लिए मुझे किसी की अनुमति की आवश्यकता नहीं है।’’
अशोक ने कहा कि वह शिवकुमार की निराशा को समझ सकते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आलाकमान के दरवाजे पर वर्षों तक पैरवी करने, गुहार लगाने और इंतजार करने के बाद मुख्यमंत्री की कुर्सी हासिल करना और फिर यह महसूस करना कि कर्नाटक की जनता आपको थोड़ी भी मोहलत देने को तैयार नहीं है, निश्चित रूप से निराशाजनक होगा।
उन्होंने शिवकुमार से कहा, ‘‘लेकिन विपक्ष पर उंगली उठाने से पहले आपको अपनी ही पार्टी के भीतर झांकना चाहिए। जब आपके अपने विधायक खुलकर असंतोष जताते हैं, शिकायतें लेकर दिल्ली दौड़ते हैं और सार्वजनिक रूप से आपके नेतृत्व पर सवाल उठाते हैं, तो समस्या विपक्ष नहीं है।’’
उन्होंने कहा कि कचरा निविदा विवाद की जांच के लिए गठित उच्चस्तरीय समिति को एक सप्ताह की सख्त समयसीमा दी गई थी और वह समयसीमा अब समाप्त हो चुकी है।
अशोक ने मुख्यमंत्री से कहा, ‘‘इसलिए मैं आपको चुनौती देता हूं। यदि आपके भीतर पारदर्शिता का थोड़ा भी अंश बचा है, तो रिपोर्ट तुरंत जारी कीजिए। न कोई देरी, न कोई बहाना और न कोई लीपापोती।’’
भाषा गोला मनीषा
मनीषा

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