‘तार्किक विसंगति’ मान्य वाक्यांश नहीं, केवल बंगाल में इसका इस्तेमाल किया गया:ममता

‘तार्किक विसंगति’ मान्य वाक्यांश नहीं, केवल बंगाल में इसका इस्तेमाल किया गया:ममता

‘तार्किक विसंगति’ मान्य वाक्यांश नहीं, केवल बंगाल में इसका इस्तेमाल किया गया:ममता
Modified Date: April 14, 2026 / 02:59 pm IST
Published Date: April 14, 2026 2:59 pm IST

कोलकाता, 14 अप्रैल (भाषा) तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी ने मंगलवार को आरोप लगाया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत प्रयुक्त “तार्किक विसंगति” (लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी) वाक्यांश निर्वाचन आयोग के प्रारूप के तहत आधिकारिक रूप से मान्य नहीं है और इसका इस्तेमाल बिहार के विपरीत पश्चिम बंगाल में चुनिंदा ढंग से भाजपा को लाभ पहुंचाने के लिए किया गया है।

पश्चिम मेदिनीपुर जिले के पिंगला में एक जनसभा को संबोधित करते हुए बनर्जी ने कहा कि उन्होंने भाजपा जैसी “ओछी राजनीति करने वाली पार्टी’’ नहीं देखी है।

उन्होंने लोगों से भाजपा के खिलाफ मतदान करने की अपील करते हुए कहा, “भाजपा ने आपसे सब कुछ छीन लिया है……इसके खिलाफ वोट देना ही आपका एकमात्र जवाब होगा।”

बनर्जी ने आरोप लगाया कि भाजपा उन स्थानों पर रैलियां कर रही है जहां उत्तर प्रदेश और बिहार से सीधी रेल संपर्क सुविधा है, ताकि उन राज्यों से लोगों को लाकर सभास्थलों पर भीड़ जुटाई जा सके।

राज्य की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को होंगे, जबकि मतगणना चार मई को की जाएगी।

भाषा खारी संतोष

संतोष


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