लोकसभा की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित, कल्याण बनर्जी शेष सत्र के लिए निलंबित

लोकसभा की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित, कल्याण बनर्जी शेष सत्र के लिए निलंबित

लोकसभा की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित, कल्याण बनर्जी शेष सत्र के लिए निलंबित
Modified Date: July 22, 2026 / 02:58 pm IST
Published Date: July 22, 2026 2:58 pm IST

नयी दिल्ली, 22 जुलाई (भाषा) नीट प्रश्नपत्र लीक मामले में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर बुधवार को विपक्षी दलों के सदस्यों के हंगामे के कारण लोकसभा की बैठक दो बार के स्थगन के बाद दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।

इस बीच सरकार ने निचले सदन में कहा कि वह नीट पेपर लीक पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है और यह चर्चा कब होनी है, कितनी लंबी होनी है और किस नियम के तहत होनी है, इसका निर्णय अध्यक्ष ओम बिरला सभी दलों के नेताओं से बात कर लेंगे।

वहीं, तृणमूल कांग्रेस के सदस्य कल्याण बनर्जी को सदन में कुछ महिला सदस्यों से अभद्रता और दुर्व्यवहार के मामले में चालू सत्र की शेष अवधि के लिए लोकसभा से निलंबित कर दिया गया।

दो बार के स्थगन के बाद दोपहर दो बजे जब बैठक शुरू हुई तो पीठासीन सभापति कृष्ण प्रसाद तेन्नेटी ने हंगामा कर रहे विपक्षी सदस्यों से कार्यवाही चलने देने की अपील की।

इस बीच उन्होंने कहा कि आज सांसद कल्याण बनर्जी ने कुछ महिला सदस्यों के खिलाफ असंसदीय टिप्पणियां की हैं जिसकी लिखित शिकायत अध्यक्ष ओम बिरला को प्राप्त हुई है।

इसके बाद संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सदन में प्रस्ताव रखा कि तृणमूल कांग्रेस सांसद कल्याण बनर्जी, जिन्होंने महिला सांसदों के साथ अभद्रता की और दुर्व्यवहार किया, उन्हें मौजूदा सत्र की शेष अवधि के लिए सदन से निलंबित किया जाए।

सदन ने इस प्रस्ताव को ध्वनिमत से स्वीकार कर लिया जिसके बाद पीठासीन सभापति तेन्नेटी ने बनर्जी को सत्र की शेष अवधि के लिए सदन से निलंबित किए जाने की घोषणा की और उन्हें तत्काल सदन से बाहर जाने का आदेश दिया।

विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण तेन्नेटी ने बैठक दिनभर के लिए स्थगित कर दी।

इससे पहले, पूर्वाह्न 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सदस्य नीट प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर सोमवार को राजधानी में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई सहित विभिन्न मुद्दों को उठाते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।

बिरला ने उनसे प्रश्नकाल चलने देने की अपील करते हुए आश्वासन दिया कि प्रश्नकाल समाप्त होने के बाद जिन मुद्दों पर नोटिस दिए गए हैं, उन सभी पर चर्चा कराई जाएगी।

सदन में हंगामा थमते न देख बिरला ने कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

बैठक 12 बजे फिर शुरू हुई तो बिरला ने सरकार की ओर से वक्तव्य देने के लिए संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू का नाम पुकारा।

इसी बीच कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने नीट पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई और इस मुद्दे पर विपक्ष के कार्यस्थगन प्रस्ताव पर चर्चा कराने की मांग भी की।

उन्होंने कहा कि सोमवार को राजधानी में प्रदर्शन कर रहे ‘‘छात्रों के खिलाफ जिस तरह सरकार की ओर से बर्बरतापूर्ण कार्रवाई की गई, उससे पूरा देश दुखी है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हमारी मांग बहुत स्पष्ट है कि शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए। अगर आप स्वीकार करते हैं तो हमारे कार्य स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा कराएं।’’

रीजीजू ने कहा, ‘‘सरकार नीट पेपर लीक पर चर्चा के लिए पूरी तरह से तैयार है। हमने पहले दिन से यह बात कही है। लेकिन चर्चा नियम के तहत होती है। चर्चा कब होनी है, कितनी लंबी होनी है और किस नियम के तहत होनी है, इसका निर्णय अध्यक्ष (बिरला) सभी दलों के नेताओं से बात कर लेंगे।’’

समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने कहा कि इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को सदन में बयान देना चाहिए।

लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने कहा कि सभी के मत आ गए हैं और दोनों पक्ष चर्चा चाहते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘सरकार ने खुले मन से कहा है कि वह चर्चा के लिए तैयार है।’’

इस बीच विपक्षी सदस्यों का शोर-शराबा जारी रहा और अध्यक्ष ने बैठक अपराह्न दो बजे तक स्थगित कर दी।

सदन में पिछले दो दिन की तरह ही प्रश्नकाल और शून्यकाल नहीं चल सके और कोई महत्वपूर्ण विधायी कामकाज नहीं हुआ।

सदन में आज कई विपक्षी सदस्य छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई के विरोध स्वरूप काले परिधान पहनकर आए थे।

संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरु हुआ है और इन मुद्दों को लेकर विपक्ष के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही लगातार बाधित है।

भाषा वैभव मनीषा

मनीषा


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