नयी दिल्ली, 24 जुलाई (भाषा) विपक्षी दलों के सदस्यों ने नीट प्रश्नपत्र लीक मामले में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई के विरोध में और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर शुक्रवार को लोकसभा में हंगामा किया, जिसके कारण सदन की कार्यवाही एक बार के स्थगन के बाद सोमवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा कि सरकार नीट के मामले पर किसी शर्त के बिना चर्चा के लिए तैयार है, हालांकि विपक्षी दल इस रुख पर अडिग रहे कि पहले शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हो और फिर चर्चा हो।
मानसून सत्र की शुरुआत के बाद से लगातार पांचवें दिन लोकसभा में गतिरोध बना रहा। पिछले पांच दिनों में सदन में कोई खासी विधायी कामकाज नहीं हो सका तथा प्रश्नकाल और शून्यकाल भी नहीं चल सके।
सदन की बैठक शुक्रवार सुबह शुरू होते ही लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने 26 जुलाई को मनाए जाने वाले कारगिल विजय दिवस का उल्लेख किया। इसके बाद सदन ने कारगिल संघर्ष में सर्वोच्च बलिदान देने वाले सशस्त्र बलों के जवानों को मौन रखकर श्रद्धांजलि दी।
कारगिल विजय दिवस हर वर्ष 26 जुलाई को मनाया जाता है। इस बार 26 जुलाई को रविवार होने के कारण अवकाश है, इसलिए शुक्रवार को ही कारगिल के शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई।
श्रद्धांजलि के बाद विपक्षी सदस्य नीट प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर सोमवार को राजधानी में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई सहित विभिन्न मुद्दों को उठाते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विपक्षी सदस्यों से प्रश्नकाल चलने देने की अपील करते हुए कहा कि प्रश्नकाल समाप्त होने के बाद उन्हें अपनी बात रखने का अवसर दिया जाएगा।
उन्होंने कहा, ‘‘प्रश्नकाल सबसे महत्वपूर्ण समय होता है। सदस्य सरकार से सवाल पूछते हैं और जवाबदेही तय करते हैं।’’
बिरला ने यह भी कहा कि प्रश्नकाल के बाद नियमों के तहत किसी भी विषय पर चर्चा की अनुमति दी जाएगी। हालांकि, विपक्षी सदस्यों का हंगामा जारी रहने पर उन्होंने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
दोपहर 12 बजे सदन की बैठक दोबारा शुरू होने पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा कि सरकार नीट मामले पर चर्चा के लिए तैयार है और विपक्ष को चर्चा के लिए कोई शर्त नहीं रखनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि विपक्ष शुरू से ही इस मुद्दे पर चर्चा की मांग कर रहा था और सरकार अब चर्चा के लिए तैयार है।
रीजीजू ने कहा कि प्रधानमंत्री ने भी नीट मामले में देश को आश्वासन दिया है और सरकार प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ कड़ा कानून लाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में मंत्रिमंडल की बैठक में फैसला किया जाएगा।
उन्होंने कहा, ‘‘ऐसे समय में अगर हम संसद में चर्चा नहीं करेंगे तो देश के सामने अच्छा संदेश नहीं जाएगा…नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जी से अनुरोध है कि वह अपने सांसदों को समझाएं। कई अन्य दलों के सांसदों ने निजी तौर पर कहा है कि चर्चा होनी चाहिए। हम सार्थक बहस क्यों नहीं कर सकते? आप शर्त मत रखिए, हम चर्चा के लिए तैयार हैं।’’
पीठासीन सभापति जगदंबिका पाल ने कहा कि संसदीय कार्य मंत्री ने बताया है कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है और सरकार ने इस मामले में उठाए गए कदमों की भी जानकारी दी है।
उन्होंने सदस्यों से अपने-अपने स्थान पर लौटने का आग्रह करते हुए कहा कि वह नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने का अवसर देंगे।
पाल ने कहा कि नीट मामले पर सरकार चर्चा के लिए तैयार है और सदन के एजेंडे पर कार्य मंत्रणा समिति (बीएसी) फैसला करेगी।
उन्होंने उच्चतम न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने के प्रावधान वाले विधेयक का हवाला देते हुए कहा कि सदन के समक्ष महत्वपूर्ण विधेयक भी है और इस पर चर्चा करनी चाहिए।
हंगामा जारी रहने पर पीठासीन सभापति ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजकर 13 मिनट पर सोमवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
नीट प्रश्नपत्र लीक मामले और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की विपक्ष की मांग को लेकर संसद में सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध जारी है।
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