लोकसभा में गतिरोध जारी, नहीं चल सके प्रश्नकाल और शून्यकाल

लोकसभा में गतिरोध जारी, नहीं चल सके प्रश्नकाल और शून्यकाल

लोकसभा में गतिरोध जारी, नहीं चल सके प्रश्नकाल और शून्यकाल
Modified Date: August 11, 2026 / 11:35 am IST
Published Date: August 11, 2026 11:35 am IST

नयी दिल्ली, 11 अगस्त (भाषा) अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर चर्चा और दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग कर रहे कांग्रेस और समाजवादी पार्टी समेत विपक्षी दलों के सदस्यों के हंगामे के कारण मंगलवार को लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने के चार मिनट के भीतर ही अपराह्न दो बजे तक स्थगित कर दी गई।

संसद के मानसून सत्र के चौथे सप्ताह के दूसरे दिन की कार्यवाही भी पिछले तीन सप्ताह की तरह हंगामेदार रही और आज लगातार 17वें कार्यदिवस को भी सदन में प्रश्नकाल तथा शून्यकाल नहीं चल सके।

कार्यवाही 11 बजे शुरू होते ही कांग्रेस और समाजवादी पार्टी समेत विपक्षी दलों के सदस्य अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के विरोध में और दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग करते हुए हंगामा करने लगे।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विपक्षी दलों से सदन की कार्यवाही चलाने में सहयोग की अपील करते हुए कहा कि जब छात्रों के आंदोलन पर गृह मंत्री अमित शाह के जवाब की मांग पर सरकार ने सहमति दे दी है तो फिर विपक्ष को सदन चलने देना चाहिए।

बिरला ने कहा कि सदन सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों को मिलकर चलाना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश की जनता चाहती है कि सदन चले और सभी विषयों पर चर्चा हो।

उन्होंने कहा कि उन्होंने सोमवार को कार्य मंत्रणा समिति (बीएसी) की बैठक में भी सभी दलों से सदन चलाने का आग्रह किया था।

लोकसभा अध्यक्ष ने कहा, ‘‘मैंने व्यक्तिगत रूप से कई बार आग्रह किया कि प्रश्नकाल सबसे महत्वपूर्ण होता है। इसमें सत्ता की जवाबदेही तय होती है और कार्यपालिका में पारदर्शिता आती है।’’

उन्होंने विपक्ष की छात्रों से संबंधित प्रमुख मांग का उल्लेख करते हुए कहा कि संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने बीएसी की बैठक में स्पष्ट किया है कि गृह मंत्री इस विषय पर जवाब देने के लिए तैयार हैं।

बिरला ने कहा, ‘‘आपकी प्रमुख मांग पर सरकार ने सहमति जताई है। अब आप सदन चलने दें।’’

उन्होंने सदन के भीतर तख्तियां लाने पर भी आपत्ति जताई और कहा कि यह संसदीय मर्यादाओं के अनुरूप नहीं है।

लोकसभा अध्यक्ष ने विपक्षी सदस्यों से सहयोग की अपील करते हुए कहा, ‘‘आप लोग सहयोग करें। सदन नहीं चलने से मन व्यथित होता है।’’

हंगामा नहीं थमने पर उन्होंने 11 बजकर चार मिनट पर सदन की बैठक अपराह्न दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

भाषा हक हक मनीषा

मनीषा


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