जन विश्वास विधेयक लोकसभा में पारित; गोयल ने ‘विश्वास की संस्कृति’ बनाने वाला कानून बताया

जन विश्वास विधेयक लोकसभा में पारित; गोयल ने ‘विश्वास की संस्कृति’ बनाने वाला कानून बताया

जन विश्वास विधेयक लोकसभा में पारित; गोयल ने ‘विश्वास की संस्कृति’ बनाने वाला कानून बताया
Modified Date: April 1, 2026 / 07:31 pm IST
Published Date: April 1, 2026 7:31 pm IST

नयी दिल्ली, एक अप्रैल (भाषा) केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को लोकसभा में कहा कि जन विश्वास विधेयक का उद्देश्य भरोसे की एक संस्कृति बनाना है और ‘‘विश्वास की संस्कृति’’ भय के आधार पर नहीं, बल्कि कर्तव्य के आधार पर बनेगी। उन्होंने कहा कि इस प्रस्तावित कानून को इसी सोच के साथ लाया जा रहा है।

गोयल ने ‘जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) विधेयक, 2026’ पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि प्रस्तावित कानून में सबसे बड़ा यह प्रावधान किया गया है कि यह ‘‘आपको सुधरने का मौका देता है।’’

गोयल के जवाब के बाद सदन ने कुछ विपक्षी सदस्यों के संशोधनों को खारिज करते हुए विधेयक को ध्वनिमत से मंजूरी प्रदान कर दी।

उन्होंने कहा, ‘‘कई ऐसे प्रावधान हैं, जिनमें छोटी-मोटी गलती होने पर पहले चेतावनी दी जाएगी। दूसरी बार, गलती की तो दंड लगेगा और फिर यदि कुछ और गंभीर गलती करते हैं तो तीसरी बार दंड बढ़ जाएगा और अदालती कार्यवाही का सामना करना पड़ेगा।’’

मंत्री ने कहा कि इसे ‘चरणबद्ध कार्रवाई’ कहा जाता है और इससे व्यक्ति को सुधरने का मौका मिलेगा।

उन्होंने कहा, ‘‘प्रस्तावित कानून का उद्देश्य विश्वास की एक संस्कृति बनाना है, ‘कल्चर ऑफ ट्रस्ट’ जो भय के आधार पर नहीं, बल्कि कर्तव्य के आधार पर हो। इस (प्रस्तावित) कानून को इसी सोच के साथ लाया गया है।’’

गोयल ने कहा कि यह प्रस्तावित कानून दर्शाता है कि इस कर्तव्य भावना के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत बनाने के लिए ‘‘हम सब तत्पर हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हमारी कोशिश है कि दंड देने वाली गुलामी की जो मानसिकता थी, उसे न्याय में कैसे बदला जाए।’’

उन्होंने कहा कि सरकार का यह प्रयास है कि जानबूझ कर की गई गलती, या किसी दूसरे को कोई नुकसान पहुंचाने वाली गलती को छोड़कर छोटे-मोटे अपराध में दंड से निजात दिलाया जाए।

मंत्री ने कहा कि 1,000 से अधिक छोटी-मोटी गलतियों पर अब लोगों को अदालत नहीं जाना पड़ेगा और उन्हें शर्मिंदगी नहीं झेलनी होगी, या तकलीफ नहीं होगी।

उन्होंने कहा कि प्रस्तावित कानून के जरिये करीब 1,000 प्रावधानों को अपराध की श्रेणी से हटाने और उनका सरलीकरण कर आम लोगों और छोटे उद्यमों को राहत देने का काम किया जा रहा है।

सरकार ने छोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने और व्यापार एवं जीवन में सुगमता बढ़ाने के प्रावधान वाले इस विधेयक को 27 मार्च को लोकसभा में पेश किया था।

वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने पिछले वर्ष 18 मार्च को जन विश्वास (प्रावधान संशोधन) विधेयक, 2025 को लोकसभा में पेश किया था, जिसे प्रवर समिति को भेजा गया था।

भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या की अध्यक्षता वाली प्रवर समिति की सिफारिशों को शामिल करके यह विधेयक सदन में लाया गया।

भाषा सुभाष वैभव

वैभव


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