एलयूसीसी घोटाला : सीबीआई ने दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया

एलयूसीसी घोटाला : सीबीआई ने दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया

एलयूसीसी घोटाला : सीबीआई ने दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया
Modified Date: June 2, 2026 / 03:49 pm IST
Published Date: June 2, 2026 3:49 pm IST

नयी दिल्ली, दो जून (भाषा) केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने उत्तराखंड में 800 करोड़ रुपये के एलयूसीसी चिटफंड घोटाले के दो कथित मुख्य साजिशकर्ताओं को मुंबई से गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

आरोप है कि ‘लोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट को-ऑपरेटिव सोसाइटी’ (एलयूसीसी) के एक लाख से अधिक निवेशकों को आकर्षक मुनाफे का वादा कर उनसे करीब 800 करोड़ रुपये की ठगी की गई।

अधिकारियों ने बताया कि इस घोटाले में उत्तराखंड पुलिस द्वारा 18 प्राथमिकी दर्ज किए जाने के बाद कथित मुख्य साजिशकर्ता किशन जैन और पंकज जैन फरार हो गए थे।

उन्होंने बताया कि उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने पिछले साल नवंबर में ये मामले सीबीआई को सौंप दिए थे।

सीबीआई के प्रवक्ता के बयान के अनुसार, एजेंसी ने पता लगाया कि दोनों आरोपी मुंबई में है और उसने उन्हें सोमवार को गिरफ्तार कर लिया।

बयान में कहा गया, ‘‘जांच दल के लगातार और गहन प्रयासों के बाद ये गिरफ्तारियां की गईं। इन प्रयासों में बड़ी संख्या में वित्तीय रिकॉर्ड का विश्लेषण, बैंक लेनदेन की जांच, मौखिक साक्ष्य जुटाना और देश के विभिन्न राज्यों में व्यापक स्तर पर की गई जमीनी जांच शामिल है।’’

एजेंसी ने कहा कि यह मामला एलयूसीसी द्वारा लोगों से उनकी जमा राशि कथित रूप से अवैध तरीके से एकत्र करने, धोखाधड़ी करने, आपराधिक विश्वासघात करने, आपराधिक साजिश रचने, अनियमित जमा योजनाएं चलाने और धन के दुरुपयोग आदि से जुड़ा है। उसने कहा कि इससे उत्तराखंड के कई जिलों में बड़ी संख्या में जमाकर्ता प्रभावित हुए।

प्रवक्ता ने कहा, ‘‘अब तक की गई जांच में उत्तराखंड में लोगों को अप्रत्याशित पैमाने पर ठगे जाने की बात सामने आई है। बड़ी संख्या में निवेशकों (करीब एक लाख से अधिक लोगों) को एलयूसीसी की विभिन्न अनियमित जमा योजनाओं में निवेश करने के लिए लुभाया गया।’’

प्रवक्ता ने कहा कि इन जमाकर्ताओं द्वारा किया गया कुल निवेश लगभग 800 करोड़ रुपये होने का अनुमान है।

सीबीआई की जांच में सामने आया है कि किशन जैन और पंकज जैन कथित रूप से प्रमुख आरोपियों में शामिल हैं।

सीबीआई के बयान में कहा गया कि उन्होंने अन्य आरोपियों के साथ साजिश कर एलयूसीसी द्वारा चलाई गई विभिन्न अनियमित जमा योजनाओं के तहत जमाकर्ताओं से जुटाए गए धन को एकत्र करने, संभालने, दूसरी जगह भेजने और उसका दुरुपयोग करने में सक्रिय और महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

बयान में कहा गया कि साक्ष्य लाखों निवेशकों से जुटाई गई राशि के हस्तांतरण, प्रबंधन और इस्तेमाल से जुड़ी बड़ी साजिश में उनकी संलिप्तता की ओर इशारा करते हैं।

बयान में कहा गया, ‘‘ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद दोनों आरोपियों को देहरादून स्थित अविनियमित निक्षेप स्कीम पाबंदी (बीयूडीएस) अधिनियम अदालत में पेश किया जाएगा।’’

सीबीआई ने इससे पहले 12 और 13 मई को पांच लोगों को गिरफ्तार किया था।

सीबीआई प्रवक्ता ने कहा, ‘‘ये सभी पांच आरोपी फिलहाल देहरादून की सुद्धोवाला जेल में न्यायिक हिरासत में हैं।’’

एजेंसी ने आरोपियों द्वारा अपराध की आय से खरीदी गई कई अचल संपत्तियों का विवरण भी एकत्र किया है।

सीबीआई ने कहा कि ये रिकॉर्ड उत्तराखंड सरकार के वित्त सचिव के साथ साझा किए गए हैं और उनसे अनुरोध किया गया है कि इन संपत्तियों को ‘फ्रीज’ किया जाए तथा बीयूडीएस अधिनियम के प्रावधानों के तहत इन्हें पीड़ितों में बांटने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए।

भाषा सिम्मी मनीषा

मनीषा


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