मप्र पुलिस ने मारपीट मामले में रेलवे कर्मियों के खिलाफ ‘झूठी’ प्राथमिकी दर्ज की : डीआरएम भोपाल

मप्र पुलिस ने मारपीट मामले में रेलवे कर्मियों के खिलाफ ‘झूठी’ प्राथमिकी दर्ज की : डीआरएम भोपाल

मप्र पुलिस ने मारपीट मामले में रेलवे कर्मियों के खिलाफ ‘झूठी’ प्राथमिकी दर्ज की : डीआरएम भोपाल
Modified Date: April 19, 2026 / 06:02 pm IST
Published Date: April 19, 2026 6:02 pm IST

नयी दिल्ली, 19 अप्रैल (भाषा) मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) भोपाल ने मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) से शिकायत की है कि मार्च में सड़क पर हुए विवाद को लेकर यातायात पुलिसकर्मियों ने रेलवे के कुछ कर्मचारियों से मारपीट की और रेलकर्मियों के खिलाफ ‘झूठी’ प्राथमिकी दर्ज की।

भोपाल के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) मयूर खंडेलवाल ने संपर्क किये जाने पर कहा कि पुलिस डीआरएम के आरोपों की जांच कर रही है और प्राथमिकी घटना की वीडियो रिकॉर्डिंग के आधार पर दर्ज की गई थी जिसमें रेलवे कर्मचारी ‘‘राज्य पुलिस के साथ हिंसक व्यवहार करते हुए देखे जा सकते हैं’’।

डीआरएम पंकज त्यागी ने अपनी शिकायत में कहा कि 15 मार्च, 2026 को शाम लगभग 6.15 बजे, महिला कर्मचारियों सहित कई रेलवे कर्मी एक समारोह में भाग लेने के बाद बस से लौट रहे थे।

त्यागी ने मामले में पुलिस द्वारा प्राथमिकी दर्ज किये जाने के कुछ ही दिन बाद की शिकायत में आरोप लगाया कि जब बस भोपाल के डीमार्ट चौराहे पर पहुंची, तो यातायात पुलिसकर्मियों ने महिला कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार किया और उनके साथ मौजूद कुछ पुरुष कर्मचारियों के साथ मारपीट की।

उन्होंने दावा किया कि जब महिला कर्मचारी यातायात पुलिसकर्मियों की अभद्र भाषा और हिंसक व्यवहार का विरोध करने के लिए बस से उतरीं, तो पुलिसकर्मियों ने उनसे गाली-गलौज की और धमकाया।

डीआरएम ने यह भी आरोप लगाया कि यातायात पुलिसकर्मियों में से एक ने बस में चढ़कर एक महिला रेलवे कर्मचारी को धमकी दी कि अगर वह बस से नहीं उतरी तो वह उसके कपड़े फाड़ देगा। उन्होंने गैरकानूनी और अभद्र व्यवहार के कई अन्य उदाहरण भी दिए हैं।

शिकायत में कहा गया, ‘‘जब एक महिला रेलवे कर्मचारी ने उसके विभाग के एक अन्य कर्मी से मारपीट कर रहे यातायात पुलिस के एक आरक्षी को रोकने की कोशिश की तो उसने महिला को थप्पड़ मारा और पीछे धकेल दिया।’’

डीआरएम ने आरोप लगाया गया कि स्थानीय पुलिस जबरन बस को कोलार पुलिस थाना ले गई और रेलवे कर्मचारियों के खिलाफ हिंसक व्यवहार और मारपीट का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज की।

पुलिस उपायुक्त खंडेलवाल से जब पूछा गया कि पुलिस ने रेल मंडल के शीर्ष अधिकारी की ओर से दर्ज की गई जवाबी शिकायत को क्यों ‘‘नजरअंदाज’’ किया, तो उन्होंने कहा कि राज्य के डीजीपी इस मामले से अवगत हैं और डीआरएम के आरोपों की जांच की जा रही है।

खंडेलवाल ने कहा, ‘‘घटना की वीडियो रिकॉर्डिंग मौजूद है जिसमें रेलवे कर्मचारी राज्य पुलिस के साथ हिंसक व्यवहार करते नजर आ रहे हैं, और उसी के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई है।’’

रेलवे अधिकारियों ने कहा कि शिकायत किये एक महीने से अधिक समय हो गया है।

रेलवे के एक अधिकारी ने आरोप लगाया, ‘‘पुलिस ने झूठी शिकायत पर घटना के कुछ ही घंटों के भीतर रेलवे कर्मचारियों के खिलाफ प्राथमिकी क्यों दर्ज कर ली, जबकि हमारी वास्तविक शिकायत की जांच एक महीने से अधिक समय से चल रही है? यह उनका पक्षपातपूर्ण रवैया दर्शाता है।’’

भाषा धीरज प्रशांत

प्रशांत


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