महाराष्ट्र: सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके के छत्रपति संभाजीनगर स्थित आवास पर पुलिस तैनात

महाराष्ट्र: सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके के छत्रपति संभाजीनगर स्थित आवास पर पुलिस तैनात

महाराष्ट्र: सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके के छत्रपति संभाजीनगर स्थित आवास पर पुलिस तैनात
Modified Date: June 6, 2026 / 12:20 pm IST
Published Date: June 6, 2026 12:20 pm IST

छत्रपति संभाजीनगर (महाराष्ट्र), छह जून (भाषा) महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर शहर के वालुज एमआईडीसी क्षेत्र में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके के आवास पर पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि दीपके के भारत पहुंचने के मद्देनजर अनावश्यक भीड़भाड़ को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है।

पुलिस उपायुक्त (जोन-1) पंकज अतुलकर ने कहा, ‘‘यदि अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने की आवश्यकता हुई तो समीक्षा के बाद ऐसा किया जाएगा।’’

उन्होंने यह भी बताया कि दीपके के माता-पिता फिलहाल वालुज स्थित अपने घर में नहीं रह रहे हैं।

अतुलकर ने कहा, ‘‘वे मेरे संपर्क में नहीं हैं।’’ उन्होंने इससे अधिक जानकारी साझा करने से इनकार कर दिया।

इस बीच, एमआईडीसी वालुज थाने के प्रभारी अधिकारी ने बताया कि पहले दीपके के घर पर एक सुरक्षाकर्मी तैनात था। उन्होंने कहा, ‘‘अब हमने वहां एक अधिकारी सहित दस पुलिसकर्मियों की टीम तैनात की है।’’

दीपके शनिवार को दिल्ली पहुंचे और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में भाग लिया। उन्होंने अपने समर्थकों से अनुशासन बनाए रखने तथा प्रदर्शन को शांतिपूर्ण रखने की अपील की।

दीपके ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में दिल्ली के जंतर-मंतर पर समर्थकों से मिलने को लेकर उत्साह व्यक्त किया और उनसे एक पुस्तक तथा राष्ट्रीय ध्वज साथ लाने का आग्रह किया।

उन्होंने प्रतिभागियों से पुलिसकर्मियों को ‘‘करुणा और आभार के प्रतीक’’ के रूप में फूल भेंट करने की भी अपील की और कहा कि यह आंदोलन ‘‘प्रेम और शांति’’ के साथ आगे बढ़ाया जाना चाहिए।

यह प्रदर्शन सीजेपी द्वारा आयोजित किया गया है। यह युवाओं के नेतृत्व वाला एक ऑनलाइन आंदोलन है, जो नीट, सीबीएसई, सीयूईटी और एसएससी सहित विभिन्न परीक्षाओं और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर जवाबदेही की मांग कर रहा है।

समूह ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग की है।

अमेरिका से लौटे दीपके ने इस आंदोलन को एक शांतिपूर्ण और संवैधानिक अभियान बताया है। वह इस अभियान में सक्रिय भागीदारी के लिए भारत लौटे हैं।

भाषा गोला वैभव

वैभव


लेखक के बारे में