महताब एक संजीदा सांसद, पर भाजपा के 2024 बैच के ओडिशा कैडर से हैं: कांग्रेस
महताब एक संजीदा सांसद, पर भाजपा के 2024 बैच के ओडिशा कैडर से हैं: कांग्रेस
नयी दिल्ली, 18 सितंबर (भाषा) कांग्रेस ने संसद की वित्त संबंधी स्थायी समिति के अध्यक्ष भर्तृहरि महताब पर निशाना साधते हुए शुक्रवार को कहा कि विपक्ष के कुछ सदस्यों द्वारा व्यापारिक यूपीआई भुगतान पर शुल्क (एमडीआर) के प्रस्ताव का समर्थन किए जाने का उनका दावा भ्रामक और गलत है।
समिति के सदस्य और कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर महताब से जुड़ी उन खबरों का उल्लेख किया जिनमें कहा गया था कि विपक्ष के कुछ सदस्यों ने एमडीआर के प्रस्ताव का समर्थन किया था।
उन्होंने कहा कि यह दावा ‘‘गलत और आधारहीन’’ है।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने तिवारी के ‘एक्स’ पोस्ट को साझा करते हुए कहा, ‘‘समिति के अध्यक्ष (महताब) वैसे तो एक अनुभवी और संजीदा सांसद हैं, लेकिन भाजपा के 2024 बैच के ओडिशा कैडर से हैं। यह विपक्ष को गुमराह करने और गलत सूचना देने की उनकी उत्सुकता को स्पष्ट करता है।’’
महताब पहले बीजू जनता दल में थे, लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा में शामिल हो गए। वह फिलहाल कटक से भाजपा के लोकसभा सदस्य हैं।
तिवारी ने अपने पोस्ट में कहा कि 12 मार्च, 2026 को वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग की वर्ष 2026-27 की अनुदान मांगों पर विचार करते हुए समिति ने अपनी सिफारिश में कहा था कि डिजिटल भुगतान को तीसरी से छठी श्रेणी के शहरों तक पहुंचाने के लिए प्रस्तावित तीन वर्षीय बहुवर्षीय योजना और कैशबैक की व्यवस्था आवश्यक हैं।
उनके मुताबिक, इसके साथ ही विभाग को ‘‘आत्मनिर्भर, स्तरीय राजस्व मॉडल’’ की संभावना तलाशने को कहा गया था।
उन्होंने समिति की सिफारिश में इस्तेमाल किए गए शब्द ‘‘संभावना तलाशने’’ पर जोर देते हुए कहा, ‘‘मुख्य शब्द संभावना तलाशना था।’’
तिवारी के अनुसार, 12 अगस्त 2026 को लोकसभा में रखी गई सरकार की कार्यवाही रिपोर्ट में वित्तीय सेवा विभाग ने कहा कि यूपीआई तंत्र की स्थिरता और सरकारी खजाने पर पड़ने वाले बोझ को देखते हुए वह फिलहाल दो विकल्पों पर विचार कर रहा है।
इनमें कुछ उच्च सीमा वाले लेनदेन या व्यापारियों के लिए एमडीआर बहाल करने की व्यवहार्यता की जांच तथा अगले कुछ वर्षों में सरकारी सहायता को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने के लिए एक स्तरीय प्रोत्साहन व्यवस्था शामिल है।
तिवारी ने कहा कि सरकार के जवाब में भी ‘‘वर्तमान में विचार किया जा रहा है’’ शब्दों का इस्तेमाल किया गया है।
उन्होंने कहा कि यूपीआई और अन्य डिजिटल भुगतान पर लेनदेन शुल्क या एमडीआर लगाने का मौजूदा प्रस्ताव इसके बाद समिति के समक्ष नहीं आया।
तिवारी ने कहा कि ‘‘कुछ विपक्षी सदस्यों’’ द्वारा केवल असहमति दर्ज नहीं कराने के आधार पर प्रस्ताव का समर्थन किए जाने की बात कहना ‘‘निराधार और दुर्भाग्यपूर्ण’’ है।
भाषा हक हक नरेश
नरेश

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