जयपुर, 29 जुलाई (भाषा) राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने बुधवार को राज्य के सभी विश्वविद्यालयों को ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के तहत प्रयास तेज करने तथा गोद लिए गए गांवों में नशा उन्मूलन के लिए सक्रिय पहल करने के निर्देश दिए।
बागडे ने लोकभवन से ‘वीडियो कॉन्फ्रेंस’ के माध्यम से विश्वविद्यालयों के कुलगुरुओं के साथ संवाद करते हुए कहा कि नशे के अधिक खतरे वाले क्षेत्रों की पहचान कर मादक पदार्थों के दुरुपयोग के खिलाफ लक्षित अभियान चलाए जाएं।
उन्होंने कहा, ‘‘विश्वविद्यालय अपने परिसरों के आसपास नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल लोगों की पहचान करें और ऐसी गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर काम करें।’’
राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों से अपील की कि वे अपने जनसंपर्क कार्यक्रमों में ‘नशा मुक्त गांव’ की अवधारणा को शामिल करें।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय गांवों को गोद लेकर स्थानीय समुदायों और प्रभावशाली लोगों के सहयोग से नशे के प्रति जागरूकता फैलाएं तथा नशे से जुड़ी गतिविधियों पर निगरानी रखें।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की नशा मुक्त भारत की अपील का उल्लेख करते हुए बागडे ने कहा कि विश्वविद्यालय ‘माय भारत’ पोर्टल पर अधिक से अधिक पंजीकरण सुनिश्चित करें और अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं।
उन्होंने बताया कि पोर्टल के माध्यम से 100 सप्ताह का विशेष कार्यक्रम चलाया जाएगा, जिसके तहत रैलियां, कार्यशालाएं और जनजागरूकता अभियान आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने विश्वविद्यालय स्तर पर इन कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया।
बैठक में उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव कुलदीप रांका भी मौजूद थे। उन्होंने अभियान के तहत विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों द्वारा संचालित की जाने वाली विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी।
भाषा बाकोलिया
सिम्मी नेत्रपाल
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