ममता अगले साल होने वाले पश्चिम बंगाल चुनाव की वजह से ‘दंगाइयों’ को बचा रहीं : भाजपा

ममता अगले साल होने वाले पश्चिम बंगाल चुनाव की वजह से ‘दंगाइयों’ को बचा रहीं : भाजपा

ममता अगले साल होने वाले पश्चिम बंगाल चुनाव की वजह से ‘दंगाइयों’ को बचा रहीं : भाजपा
Modified Date: April 17, 2025 / 08:29 pm IST
Published Date: April 17, 2025 8:29 pm IST

नयी दिल्ली, 17 अप्रैल (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की राज्य में मुस्लिम मौलवियों के साथ बैठक को लेकर बृहस्पतिवार को आलोचना की।

केंद्र में सत्तारूढ़ पार्टी ने ममता पर अगले साल होने वाले राज्य विधानसभा चुनाव के मद्देनजर अल्पसंख्यक समुदाय को खुश करने के लिए ‘‘दंगाइयों’’ को संरक्षण देने का आरोप लगाया।

ममता ने बुधवार को कोलकाता में मुस्लिम मौलवियों के साथ एक बैठक को संबोधित करते हुए मुर्शिदाबाद जिले में हाल की सांप्रदायिक हिंसा को ‘पूर्व नियोजित’ करार दिया। उन्होने सीमा सुरक्षा बल, केंद्रीय एजेंसियों और भाजपा पर बाहरी लोगों को बुलाकर और बांग्लादेश से घुसपैठ कराकर तनाव पैदा करने का आरोप लगाया।

भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने यहां पार्टी मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए दावा किया, ‘‘(सांप्रदायिक हिंसा के) पीड़ितों के साथ रहने के बजाय मुख्यमंत्री तुष्टिकरण की राजनीति कर रही हैं और दंगाइयों को संदेश दे रही हैं कि उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है क्योंकि वह उनके साथ हैं।’’

भाटिया ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए ‘अपने समुदाय’ के सदस्यों को एक ‘बड़ा संदेश’ देने के लिए दंगाइयों को संरक्षण दे रही हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा हिंदू समाज और हर पीड़ित परिवार के साथ मजबूती के खड़ी है। हम सुनिश्चित करेंगे कि उन्हें न्याय मिले।’’

भाटिया ने पश्चिम बंगाल में वक्फ (संशोधन) अधिनियम को लागू करने से इनकार करने के लिए भी बनर्जी की आलोचना की। उन्होंने सवाल किया कि जब उक्त कानून संसद द्वारा पारित किया जा चुका है और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की सहमति के बाद केंद्र द्वारा अधिसूचित किया गया है तो संविधान की शपथ लेने वाली एक मुख्यमंत्री ऐसा कैसे कह सकती हैं।

भाटिया की यह टिप्पणी मुस्लिम बहुल मुर्शिदाबाद जिले में वक्फ कानून को लेकर हुई सांप्रदायिक हिंसा के बाद आई है, जिसमें पिछले सप्ताह कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए।

भाषा धीरज माधव

माधव


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