ममता बनर्जी ‘न्यायपालिका पर राजनीतिक दबाव’ डालने की कोशिश कर रही हैं : समिक भट्टाचार्य
ममता बनर्जी ‘न्यायपालिका पर राजनीतिक दबाव’ डालने की कोशिश कर रही हैं : समिक भट्टाचार्य
कोलकाता, सात फरवरी (भाषा) पश्चिम बंगाल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने शनिवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला करते हुए उन पर न्यायपालिका पर “राजनीतिक दबाव” डालने का प्रयास करने और सिंगूर में “औद्योगिक गतिरोध” के लिए राज्य की भूमि नीति को जिम्मेदार ठहराने का आरोप लगाया।
मुख्यमंत्री के हाल ही में उच्चतम न्यायालय में पेश होने पर भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि यह कदम त्रुटिपूर्ण मतदाता सूची को बचाने का एक रणनीतिक प्रयास था।
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, “चुनाव जीतने के लिए बांग्लादेशी घुसपैठियों, रोहिंग्याओं और मृत लोगों के नाम को मतदाता सूची में बनाए रखने के लिए वह काला कोट पहनकर (अदालत में) गई हैं। यह लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक है।”
भाजपा नेता ने दावा किया कि इस तरह की कार्रवाइयां कानूनी व्यवस्था में विश्वास की कमी का संकेत देती हैं।
उन्होंने आरोप लगाया, “अगर किसी राज्य का मुख्यमंत्री सीधे अदालत पहुंचता है और न्यायपालिका में विश्वास किए बिना वहां बैठता है, तो इसका मतलब है कि आप राजनीतिक दबाव बनाना चाहते हैं। शेष भारत स्तब्ध है…पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र मौजूद नहीं है।”
राज्य के औद्योगिक माहौल पर भट्टाचार्य ने कहा कि भाजपा ने पिछली वाम मोर्चा सरकार द्वारा सिंगूर में भूमि अधिग्रहण के “तरीके” का विरोध किया था, लेकिन यह भी आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस सरकार की नीति ने सभी प्रगति रोक दी है।
उन्होंने कहा, “पश्चिम बंगाल में सत्ता में आने के बाद, तृणमूल ने घोषणा की कि वह एक वर्ग फुट जमीन का भी अधिग्रहण नहीं करेगी। यह औद्योगिक विकास में सबसे बड़ी बाधा है।” उन्होंने कहा कि राज्य की 82 प्रतिशत खेती योग्य भूमि छोटे जोत है और छोटे किसानों के पास है।
उन्होंने उस मॉडल को याद किया जिसे भाजपा ने पूर्व मुख्यमंत्री बुद्धदेब भट्टाचार्य को प्रस्तावित किया था, जो हरियाणा या पंजाब के समान था, जहां अतिरिक्त भूमि का अधिग्रहण किया जाता है और विकसित भूमि का एक हिस्सा किसानों को वापस कर दिया जाता है।
भाषा प्रशांत धीरज
धीरज

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