ममता राज्य के संस्थानों के पुनरुद्धार की मांग से बौखला गई हैं: प्रधान ने यादवपुर विवि विवाद पर कहा
ममता राज्य के संस्थानों के पुनरुद्धार की मांग से बौखला गई हैं: प्रधान ने यादवपुर विवि विवाद पर कहा
नयी दिल्ली, 25 अप्रैल (भाषा) केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उनके नेतृत्व में वर्षों की ‘‘चुप्पी और पतन’’ ने राज्य के संस्थानों को कमजोर कर दिया है और अब उनके पुनरुद्धार की बढ़ती मांग से वह बौखला गई हैं।
शिक्षा मंत्री की यह टिप्पणी ममता द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के यादवपुर विश्वविद्यालय (जेयू) पर दिए गए बयानों की आलोचना के बाद आई है। बनर्जी ने कहा था कि प्रधानमंत्री की टिप्पणियों ने शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए पहचाने जाने वाले एक प्रमुख संस्थान की गरिमा को ठेस पहुंचाई है।
धर्मेंद्र प्रधान ने शुक्रवार को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि ममता बनर्जी अपने शासनकाल में इन संस्थानों की बदहाल स्थिति से अधिक, उनके ‘पुनरुद्धार की उठ रही मांग से विचलित दिखाई देती हैं।’
हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम बंगाल के प्रतिष्ठित संस्थानों की गरिमा बहाल करने और उन्हें उनकी पूर्व शैक्षणिक उत्कृष्टता के स्तर पर वापस ले जाने की आवश्यकता पर जोर दिया था।
प्रधान ने प्रथम वर्ष के एक छात्र की मृत्यु के बाद गठित विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की विशेषज्ञ समिति के निष्कर्षों का हवाला देते हुए कहा कि समिति ने विश्वविद्यालय के रैगिंग-रोधी ढांचे को ‘कमजोर और निष्प्रभावी’ पाया था।
उन्होंने कहा कि समिति ने ‘लापरवाही और जवाबदेही के गंभीर अभाव के कारण हुई गंभीर प्रशासनिक विफलताओं’ को भी चिह्नित किया था।
प्रधान ने कहा, ‘‘समिति ने पाया कि संस्थागत सुरक्षा उपाय कमजोर पड़ गए थे, शासन निष्प्रभावी हो गया था और हालात के प्रति वह गंभीरता नहीं दिखाई गई, जिसकी एक प्रमुख विश्वविद्यालय से अपेक्षा की जाती है।’’
बनर्जी ने शुक्रवार को हावड़ा में एक रैली में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने यादवपुर विश्वविद्यालय के साथ-साथ कलकत्ता विश्वविद्यालय, प्रेसीडेंसी विश्वविद्यालय और सेंट जेवियर्स विश्वविद्यालय जैसे प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थानों का अपमान किया है।
उन्होंने कहा कि ये संस्थान अपनी शैक्षणिक उत्कृष्टता और छात्रों, शोधकर्ताओं तथा शिक्षाविदों की समृद्ध प्रतिभा के लिए वर्षों से देश-विदेश में ख्याति अर्जित करते रहे हैं।
भाषा प्रचेता खारी
खारी

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