ममता को खेल के विकास से ज्यादा ‘खेला होबे’ में अधिक रुचि है: नितिन नवीन

ममता को खेल के विकास से ज्यादा 'खेला होबे' में अधिक रुचि है: नितिन नवीन

ममता को खेल के विकास से ज्यादा ‘खेला होबे’ में अधिक रुचि है: नितिन नवीन
Modified Date: April 9, 2026 / 09:30 pm IST
Published Date: April 9, 2026 9:30 pm IST

मालदा (प.बंगाल), नौ अप्रैल (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने बृहस्पतिवार को कहा कि पश्चिम बंगाल खेल और उन अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों में पिछड़ गया है, जिनमें वह कभी देश का नेतृत्व करता था, क्योंकि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ‘खेला होबे’ (राजनीतिक खेल) में अधिक रुचि रखती हैं।

फुटबॉल के दिग्गज खिलाड़ी लियोनेल मेसी के दिसंबर 2025 में कोलकाता के सॉल्ट लेक स्टेडियम में कार्यक्रम को लेकर हुए हंगामे की कड़ी आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि यह सब राजनीतिक स्वार्थपरता के कारण हुआ।

यहां खेल क्लबों और गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) के सदस्यों के साथ एक बैठक को संबोधित करते हुए भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि पश्चिम बंगाल खेलों और अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों में पिछड़ गया है, जिनमें वह कभी देश में अग्रणी हुआ करता था, क्योंकि ‘‘यहां की मुख्यमंत्री ‘खेला होबे’ (राजनीतिक खेल) में अधिक रुचि रखती हैं’’।

‘खेला होबे’ नारे के लिए तृणमूल कांग्रेस सरकार की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘उनके लिए खेल का मैदान राजनीतिक खेल का एक मैदान बन गया है।’’

उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को दंडित करने का समय आ गया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा, गुजरात और बिहार जैसे राज्यों ने खेल गतिविधियों में जबरदस्त प्रगति की है।

नवीन ने कहा कि इस संस्कृति को खत्म करने के लिए, ‘‘भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी से ग्रस्त तृणमूल कांग्रेस की सरकार को सत्ता से बेदखल करना होगा।’’

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 23 और 29 अप्रैल को होने हैं और मतगणना चार मई को होगी।

उन्होंने कहा, ‘‘हमारी सरकार पश्चिम बंगाल में फुटबॉल के खेल को उसकी पुरानी प्रतिष्ठा वापस दिलाएगी।’’

नवीन ने कहा, ‘‘जब हम ‘फिट इंडिया’ आंदोलन की बात करते हैं, तो ममता दीदी इसमें भाग नहीं लेतीं क्योंकि वह भारत को ‘नुकसान’ पहुंचाना चाहती हैं… उन्हें बांग्लादेशी ‘फिट’ लगते हैं और वह उन्हें राज्य में बसाना चाहती हैं, लेकिन पश्चिम बंगाल के लोगों के लिए उनके मन में कोई भावना नहीं है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘तृणमूल कांग्रेस सरकार दमन का एक आदर्श उदाहरण है और उसे विकास के मॉडल में कोई दिलचस्पी नहीं है।’’

उन्होंने बताया कि छह हजार से अधिक कंपनियां पश्चिम बंगाल छोड़कर जा चुकी हैं और अगर ये कंपनियां राज्य में फली-फूली होतीं, तो खेल क्लबों को उनकी सीएसआर गतिविधियों से लाभ मिलता।

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि पश्चिम बंगाल देश में खेल गतिविधियों में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए जाना जाता था, लेकिन राज्य के खेल क्लब अब जबरन वसूली के केंद्र बन गए हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने की अपील को पूरे देश में अपनाया गया, तब भी पश्चिम बंगाल इसमें पिछड़ता रहा।’’

भाषा देवेंद्र माधव

माधव


लेखक के बारे में