कोलकाता के अस्पताल की लिफ्ट में एक व्यक्ति की मौत
कोलकाता के अस्पताल की लिफ्ट में एक व्यक्ति की मौत
कोलकाता, 21 मार्च (भाषा) उत्तरी कोलकाता स्थित सरकारी आर जी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में शुक्रवार को कथित रूप से लिफ्ट में फंसने के कारण एक व्यक्ति की मौत हो गई।
इस घटना के कारण विधानसभा चुनाव से पहले पश्चिम बंगाल में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला शुरू हो गया। राज्य के विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने लापरवाही का आरोप लगाया और ‘‘हत्या के मामले की’’ जांच कराए जाने की मांग की।
नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने इस मौत को ‘‘हत्या’’ करार दिया और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ स्वास्थ्य सचिव नारायण स्वरूप निगम और अस्पताल प्रशासन को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया। बनर्जी स्वास्थ्य विभाग का भी प्रभार संभालती हैं।
अधिकारी ने पूर्व मेदिनीपुर में चुनाव प्रचार के दौरान संवाददाताओं से कहा, ‘‘मेरे पास दस्तावेज हैं… उन्होंने उस लिफ्ट के जरिए (व्यक्ति की) जानबूझकर हत्या की जिसकी मरम्मत की जा रही थी। हत्या का मामला तुरंत दर्ज किया जाना चाहिए।’’
मृतक के परिवार के अनुसार, व्यक्ति लिफ्ट के अचानक खराब हो जाने पर उसके भीतर फंस गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि लिफ्ट में मरम्मत का काम जारी था, उस समय कोई ऑपरेटर ड्यूटी पर नहीं था और उसे ठीक से सुरक्षित नहीं किया गया था।
अस्पताल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि उस व्यक्ति को घायल अवस्था में लिफ्ट से निकाला गया और उसकी नाक से खून बह रहा था।
अधिकारी ने बताया कि उसे आपातकालीन इकाई में ले जाया गया जहां बाद में उसने दम तोड़ दिया।
इस बीच, कोलकाता पुलिस द्वारा शुक्रवार देर रात साझा की गई पोस्टमार्टम रिपोर्ट से संकेत मिला कि मौत सीने पर दबाव, हृदय, फेफड़ों एवं यकृत के फटने तथा पैरों, हाथों एवं पसलियों की कई हड्डियों के टूटने समेत ‘‘पॉलीट्रॉमा’’ यानी शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटों के कारण हुई।
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि मामले की जांच जासूसी विभाग का हत्या प्रकोष्ठ अपने हाथ में लेगा।
अस्पताल की रोगी कल्याण समिति के अध्यक्ष एवं कोलकाता के उपमहापौर अतिन घोष ने स्वीकार किया कि संभवत: कुछ चूक के कारण यह ‘‘दुर्भाग्यपूर्ण घटना’’ हुई। उन्होंने कहा कि कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
भाजपा ने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस को निशाना बनाते हुए राज्य की स्वास्थ्य सेवा अवसंरचना में व्यवस्थागत भ्रष्टाचार और लापरवाही का आरोप लगाया।
पार्टी ने एक बयान में आरोप लगाया कि अस्पतालों की सुरक्षा और रखरखाव पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया।
यह घटना उस समय हुई जब व्यक्ति अपने चार वर्षीय बेटे को इलाज के लिए अस्पताल लाया था। ऐसा बताया जा रहा है कि उस समय उसकी पत्नी ‘ट्रॉमा केयर यूनिट’ में थी।
पुलिस ने कहा कि जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
भाषा
सिम्मी गोला
गोला

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