Bhopal Kali Eid: ईद पर मातम क्यों? मस्जिद में गूंजे विरोध के नारे, बच्चों तक ने पहनी काली पट्टी, जानिए पूरा मामला

Bhopal Kali Eid: दरअसल शहर में शिया समुदाय ने ‘काली ईद’ मनाई, जिसमें गम और आक्रोश दोनों साफ दिखाई दिए।

Bhopal Kali Eid: ईद पर मातम क्यों? मस्जिद में गूंजे विरोध के नारे, बच्चों तक ने पहनी काली पट्टी, जानिए पूरा मामला

bhopal kali eid/ image source: IBC24

Modified Date: March 21, 2026 / 10:14 am IST
Published Date: March 21, 2026 10:14 am IST
HIGHLIGHTS
  • भोपाल में मनाई गई ‘काली ईद’
  • शिया समुदाय में गम और आक्रोश
  • काली पट्टी पहनकर जताया विरोध

Bhopal Kali Eid: भोपाल: Eid-ul-fitr 2026 देशभर में आज ईद-उल-फितर का त्योहार पूरे उत्साह और भाईचारे के साथ मनाया जा रहा है। रमजान के पूरे 30 रोजे और इबादतों के बाद आज खुशी का माहौल देखने को मिल रहा है। देशभर की ईदगाहों व मस्जिदों में विशेष नमाज़ अदा की जा रही है। लेकिन, मध्य प्रदेश की राजधानी Bhopal में इस बार ईद का माहौल सामान्य खुशियों से अलग नजर आया।

Bhopal Kali Eid: शिया समुदाय ने ‘काली ईद’ मनाई

दरअसल शहर में शिया समुदाय ने ‘काली ईद’ मनाई, जिसमें गम और आक्रोश दोनों साफ दिखाई दिए। ईरान पर हमले और सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबरों से आहत समुदाय के लोगों ने इस बार त्योहार को शोक के रूप में मनाया। फतेहगढ़ मस्जिद में नमाज के दौरान बड़ी संख्या में लोग जुटे, जहां माहौल पूरी तरह गंभीर और भावनात्मक रहा।

Black Eid Bhopal News: शिया समुदाय में गम और आक्रोश

नमाज के दौरान और उसके बाद शिया समुदाय के लोगों ने काली पट्टियां बांधकर विरोध दर्ज कराया। कई लोगों ने पुराने कपड़े पहनकर यह संदेश देने की कोशिश की कि वे इस बार खुशी नहीं मना रहे, बल्कि शोक व्यक्त कर रहे हैं। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर वर्ग में गहरा दुख और नाराजगी देखने को मिली। लोगों के चेहरों पर गम और आक्रोश साफ झलक रहा था, और कई लोग इसे अपने “सुप्रीम लीडर” के निधन से जुड़ा बड़ा नुकसान बता रहे थे।

Iran Supreme Leader Death Reaction: काली पट्टी पहनकर जताया विरोध

नमाज के बाद खुतबे के दौरान भी लोगों का आक्रोश सामने आया। मस्जिद परिसर में अमेरिका और इजरायल के खिलाफ नारे लगाए गए, जिससे माहौल और ज्यादा भावुक हो गया। समुदाय के लोगों का कहना था कि यह सिर्फ एक धार्मिक मामला नहीं, बल्कि उनके विश्वास और पहचान से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने अपनी भावनाओं को शांतिपूर्ण तरीके से व्यक्त किया, लेकिन उनके भीतर का गुस्सा और दुख साफ दिखाई दे रहा था।

जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश में शिया समुदाय की संख्या करीब 10 हजार के आसपास बताई जाती है, जिसमें से लगभग 4 हजार लोग भोपाल में रहते हैं। इसके अलावा Indore, Ratlam, Sarangpur और Burhanpur जैसे शहरों में भी शिया समुदाय मौजूद है। इस बार ईद के मौके पर इन इलाकों में भी शोक का माहौल देखा गया, जहां लोगों ने सामान्य जश्न की जगह दुख और विरोध के साथ त्योहार मनाया।


सामान्यतः पूछे जाने वाले प्रश्नः

लेखक के बारे में

पत्रकारिता और क्रिएटिव राइटिंग में स्नातक हूँ। मीडिया क्षेत्र में 3 वर्षों का विविध अनुभव प्राप्त है, जहां मैंने अलग-अलग मीडिया हाउस में एंकरिंग, वॉइस ओवर और कंटेन्ट राइटिंग जैसे कार्यों में उत्कृष्ट योगदान दिया। IBC24 में मैं अभी Trainee-Digital Marketing के रूप में कार्यरत हूँ।