लखीमपुर खीरी में आदमखोर तेंदुआ पिंजरे में कैद, तीन हफ्ते चले अभियान के बाद पकड़ा गया

लखीमपुर खीरी में आदमखोर तेंदुआ पिंजरे में कैद, तीन हफ्ते चले अभियान के बाद पकड़ा गया

लखीमपुर खीरी में आदमखोर तेंदुआ पिंजरे में कैद, तीन हफ्ते चले अभियान के बाद पकड़ा गया
Modified Date: June 29, 2026 / 10:45 am IST
Published Date: June 29, 2026 10:45 am IST

लखीमपुर खीरी (उप्र), 29 जून (भाषा) लखीमपुर खीरी जिले के धौरहरा वन क्षेत्र के पास दुधवा बफर जोन की टीम ने एक आदमखोर तेंदुआ को जिंदा पकड़ लिया। वन विभाग के अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों के अनुसार रविवार को उस आदमखोर तेंदुए को जिंदा पकड़ लिया गया, जिसने सात जून को लालजीपुरवा में सात साल के शुभम यादव की जान ले ली थी। पकड़ा गया तेंदुआ नर है और उसकी उम्र करीब सात साल आंकी गई है।

तेंदुए के हमले में बच्चे की मौत से ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया था और उन्होंने विरोध प्रदर्शन करते हुए तेंदुए के आतंक से तुरंत राहत दिलाने की मांग की थी।

धौरहरा के विधायक विनोद शंकर अवस्थी और पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) शमशेर बहादुर सिंह ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को समझाया और तेंदुए को जल्द पकड़ने का भरोसा दिलाया था।

दुधवा बफर जोन की उप निदेशक कीर्ति चौधरी ने तेंदुए को पकड़ने के लिए विभाग के दलों को तैनात किया। इलाके में पिंजरे लगाए गए, ड्रोन से निगरानी, गश्त और सघन तलाशी अभियान चलाया गया।

कीर्ति चौधरी ने बताया कि रविवार सुबह तेंदुए को पिंजरे में रखे भोजन का लालच देकर जिंदा पकड़ लिया गया।

धौरहरा वन क्षेत्र की सीमा बहराइच जिले के कतरनियाघाट वन्यजीव अभयारण्य से लगती है और यह इलाका तेंदुओं की मौजूदगी के लिए जाना जाता है।

भाषा सं आनन्द गोला

गोला


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