इंफाल, दो सितंबर (भाषा) मणिपुर विधानसभा ने बुधवार को एक प्रस्ताव पारित किया, जिसमें केंद्र सरकार से जनगणना शुरू करने से पहले राज्य में राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) को अद्यतन करने का आग्रह किया गया है।
इस मामले में 2022 के बाद से विधानसभा द्वारा पारित किया गया यह तीसरा प्रस्ताव है।
विधानसभा अध्यक्ष टी. सत्यब्रत सिंह ने कहा, ‘‘सदन एक बार फिर 5 अगस्त 2022 और एक मार्च 2024 को पारित अपने उस प्रस्ताव को दोहराता है जिसमें भारत सरकार से आग्रह किया गया था कि राज्य और देश के हित में जनगणना कराने से पहले मणिपुर में राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) को अद्यतन किया जाए।’’
केंद्र ने सोमवार को ही राज्य में इस प्रक्रिया को टाल दिया।
एनआरसी लागू करने की मांग मेइती और नगा समुदायों की इस आशंका से उठी थी कि एनआरसी के बिना जनगणना से राज्य में ‘‘जनसांख्यिकीय बदलाव’’ हो सकते हैं। उन्हें अंदेशा है कि पड़ोसी देश म्यांमा से अवैध प्रवासी राज्य में आ सकते हैं।
हालांकि, कुकी-जो समुदाय के एक संगठन ने राज्य में जनगणना की प्रक्रिया को टालने के केंद्र सरकार के फैसले पर सवाल उठाए हैं। संगठन का आरोप है कि यह फैसला समुदाय की राय को नजरअंदाज करके लिया गया।
भाषा सुभाष नरेश
नरेश