मणिपुर बाल अधिकार आयोग ने लोगों से नाबालिगों को प्रदर्शनों में शामिल नहीं करने की अपील
मणिपुर बाल अधिकार आयोग ने लोगों से नाबालिगों को प्रदर्शनों में शामिल नहीं करने की अपील
इंफाल, 18 अप्रैल (भाषा) मणिपुर बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने लोगों से अपील की है कि वे नाबालिगों को विरोध प्रदर्शनों में शामिल न करें, क्योंकि प्रदर्शनों में उनकी भागीदारी उनकी उम्र के लिए अनुचित है।
आयोग ने ‘‘वैधानिक सलाह’’ शीर्षक वाले एक बयान में कहा कि उसने एक घटना का स्वतः संज्ञान लिया है, जिसमें बृहस्पतिवार रात सिंगजामेई काकवा अशेम क्षेत्र में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान चार साल से कम उम्र का एक प्री-नर्सरी छात्र घायल हो गया था।
इंफाल पश्चिम जिले में हजारों लोगों ने निषेधाज्ञा का उल्लंघन करते हुए 16 अप्रैल को एक मशाल जुलूस निकाला। यह प्रदर्शन हाल ही में हुए एक बम हमले के विरोध में किया गया था, जिसमें दो बच्चों की मौत हो गई थी।
आयोग ने कहा कि घायल बच्चा प्रदर्शन में शामिल नहीं था, लेकिन वह विरोध स्थल के पास, अपने घर के नजदीक ही मौजूद था।
आयोग ने जनता से अपील की कि वे बच्चों को उनकी उम्र के लिए अनुपयुक्त विरोध प्रदर्शनों में शामिल न करें…और न ही उन्हें ऐसी असुरक्षित स्थितियों में डालें, जिनसे हिंसा, क्षति, धमकी या मानसिक आघात हो सकता है।
यह सलाह बम हमले के बाद इंफाल क्षेत्र में कई बच्चों को विरोध प्रदर्शनों में भाग लेते देखे जाने के बाद जारी की गई।
आयोग ने सभी संबंधित अधिकारियों से लोकतांत्रिक और अहिंसक सार्वजनिक प्रदर्शनों से, विशेष रूप से आवासीय क्षेत्रों में, निपटने के दौरान अधिकतम संयम बरतने का आग्रह किया।
आयोग ने यह भी कहा कि बल का बिना सोचे समझे इस्तेमाल, संपत्ति को नुकसान पहुंचाना और विशेष रूप से बच्चों में दहशत और भय उत्पन्न करना पूरी तरह से टाला जाना चाहिए।
आयोग ने कहा कि सभी कार्रवाई उचित और स्थापित प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करते हुए की जानी चाहिए, जिससे बच्चों की सुरक्षा और सर्वोत्तम हितों को सुनिश्चित किया जा सके।
भाषा अमित सुरेश
सुरेश

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