इंफाल, तीन सितंबर (भाषा) मणिपुर सरकार ने राज्य में गैर-कानूनी तरीके से सड़कें जाम करने और राजमार्ग पर बाधा डालने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
आयुक्त-सह-सचिव (गृह) एन. अशोक कुमार की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि अगर कोई भी व्यक्ति, समूह, संगठन या संस्था गैर-कानूनी नाकेबंदी, राजमार्गों को अवरुद्ध करने, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने या शांति भंग करने वाली गतिविधियों को आयोजित करने, भड़काने, समर्थन करने या उनमें शामिल होने में लिप्त पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ बिना किसी अतिरिक्त सूचना के संबंधित कानूनों के तहत मुकदमा चलाया जाएगा।
आदेश 28 अगस्त को जारी हुआ था और बृहस्पतिवार को इसे सार्वजनिक किया गया। इससे पहले विभिन्न समूहों ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई बार नाकेबंदी की थी जिससे आवश्यक वस्तुओं की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई और राज्य में चीजों की कीमतें बढ़ गईं।
सरकार ने कहा कि उसे कुछ संगठनों, संस्थाओं, समूहों और व्यक्तियों द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग एवं सार्वजनिक सड़कों पर बंद, नाकेबंदी, सड़क जाम करने, आवाजाही पर जबरन रोक लगाने और अन्य गैर-कानूनी गतिविधियों के बारे में रिपोर्ट और विश्वसनीय जानकारी मिली है।
आदेश में कहा गया है, ‘‘इस तरह के कृत्यों का कानून-व्यवस्था पर बुरा असर पड़ता है, नागरिकों की सुरक्षा खतरे में पड़ती हैं, जरूरी चीजों की आपूर्ति में रुकावट आती हैं, आर्थिक गतिविधियों में बाधा पहुंचती हैं तथा पूरे भारत में कहीं भी आने-जाने के नागरिकों के संवैधानिक अधिकार का उल्लंघन होता है।’’
पुलिस उपायुक्तों, पुलिस और कानून लागू करने वाली अन्य एजेंसियों को निर्देश दिया गया है कि वे राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अन्य सार्वजनिक सड़कों पर बिना रुकावट आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए तुरंत कदम उठाएं और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ फौरन कानूनी कार्रवाई करें।
भाषा सुरभि वैभव
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