Janmashtami 2026 Puja Time: कृष्ण जन्माष्टमी पर सिर्फ 46 मिनट मिलेगा शुभ समय, कहीं कान्हा की पूजा में न हो जाए देर, यहां नोट करें सही मुहूर्त

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Janmashtami 2026 Puja Time: इस साल जन्माष्टमी का पर्व 4 सितंबर 2026 को मनाया जाएगा। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण की पूजा करने वाले भक्तों के लिए शुभ मुहूर्त बेहद खास रहेगा। अगर आप भी कान्हा की पूजा की तैयारी कर रहे हैं तो सही समय जानकर पूजा करें।

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  • Publish Date - September 3, 2026 / 12:30 PM IST,
    Updated On - September 3, 2026 / 12:31 PM IST

(Janmashtami 2026 Puja Time/ Image Credit: AI-generated)

HIGHLIGHTS
  • 4 सितंबर 2026 को मनाई जाएगी जन्माष्टमी।
  • पूजा के लिए मिलेगा करीब 46 मिनट का शुभ समय।
  • रात 11:57 बजे से शुरू होगा निशिता पूजा मुहूर्त।

Janmashtami 2026 Puja Time: हर साल भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को जन्माष्टमी का त्योहार मनाया जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इसी तिथि पर रोहिणी नक्षत्र में (Janmashtami 2026 Puja Time) भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था। इस दिन भक्त व्रत रखते हैं और रात में लड्डू गोपाल की विशेष पूजा करते हैं। भगवान को माखन-मिश्री, खीर और दूसरे प्रसाद का भोग लगाया जाता है। इस बार जन्माष्टमी शुक्रवार 04 सितंबर 2026 को मनाई जाएगी। खास बात यह है कि करीब 15 साल बाद अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र का विशेष संयोग बनने की बात कही जा रही है।

सिर्फ 46 मिनट रहेगा पूजा का शुभ समय

जन्माष्टमी की पूजा के लिए इस बार निशिता काल (Janmashtami 2026 Puja Time) को सबसे खास माना जा रहा है। पंचांग के अनुसार, 4 सितंबर की रात 11:57 बजे से 5 सितंबर की रात 12:43 बजे तक पूजा का शुभ समय रहेगा। यानी भक्तों को भगवान कृष्ण की विशेष पूजा के लिए करीब 46 मिनट मिलेंगे। अष्टमी तिथि 4 सितंबर की रात 2:25 बजे शुरू होगी और 5 सितंबर की रात 12:13 बजे समाप्त होगी। वहीं, रोहिणी नक्षत्र 4 सितंबर की रात 12:29 बजे शुरू होगा और रात 11:04 बजे तक रहेगा।

व्रत और पारण का समय भी जानें

जन्माष्टमी के दिन भक्त सुबह स्नान करके साफ कपड़े पहनें और भगवान का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प ले सकते हैं। व्रत रखने वाले लोगों के लिए अन्न का सेवन नहीं करने की परंपरा है। फल, दूध, दही और सेंधा नमक जैसे फलाहार का सेवन किया जा सकता है। पंचांग के अनुसार, व्रत का पारण 5 सितंबर को सुबह 6:01 बजे के बाद किया जा सकता है। वहीं, दही हांडी उत्सव शनिवार 5 सितंबर को मनाया जाएगा।

ऐसे करें लड्डू गोपाल की पूजा

रात में शुभ मुहूर्त के दौरान (Janmashtami 2026 Puja Time) सबसे पहले लड्डू गोपाल को पंचामृत से स्नान कराएं। इसके बाद गंगाजल से अभिषेक करके उन्हें नए वस्त्र पहनाएं। चंदन का तिलक लगाकर मुकुट, बांसुरी और फूलों से बाल गोपाल का श्रृंगार करें। इसके बाद उन्हें पालने या झूले में विराजमान कर शंख और घंटियों के साथ जन्मोत्सव मनाएं। भक्त इस दौरान श्रीकृष्ण के मंत्रों का जाप भी कर सकते हैं।

माखन-मिश्री समेत लगाएं ये भोग

जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण को माखन-मिश्री,पंजीरी, खीर, पंचमेवा और फलों का भोग लगाया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, भोग में तुलसी दल शामिल करना शुभ माना जाता है। पूजा के दौरान देसी घी का दीपक और धूप जलाकर भगवान की आरती करें। इसके बाद परिवार के साथ प्रसाद ग्रहण करें और भगवान श्रीकृष्ण से सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें।

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2026 में जन्माष्टमी कब मनाई जाएगी?

इस साल जन्माष्टमी का पर्व 4 सितंबर 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा।

जन्माष्टमी की पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है?

निशिता काल में पूजा का समय 4 सितंबर रात 11:57 बजे से 5 सितंबर रात 12:43 बजे तक रहेगा।

जन्माष्टमी पर कितने समय का पूजा मुहूर्त मिलेगा?

लड्डू गोपाल की विशेष पूजा के लिए करीब 46 मिनट का शुभ समय मिलेगा।

जन्माष्टमी की पूजा में भगवान को क्या भोग लगाएं?

श्रीकृष्ण को माखन-मिश्री, पंजीरी, खीर, पंचमेवा और फलों का भोग लगाया जा सकता है। भोग में तुलसी दल रखना भी शुभ माना जाता है।