मणिपुर: उग्रवादियों ने एक गांव में दो घरों में आग लगाई, सुरक्षाबलों ने की गोलीबारी

मणिपुर: उग्रवादियों ने एक गांव में दो घरों में आग लगाई, सुरक्षाबलों ने की गोलीबारी

मणिपुर: उग्रवादियों ने एक गांव में दो घरों में आग लगाई, सुरक्षाबलों ने की गोलीबारी
Modified Date: September 16, 2026 / 11:09 am IST
Published Date: September 16, 2026 11:09 am IST

इंफाल, 16 सितंबर (भाषा) मणिपुर के कांगपोकपी जिले के एक पहाड़ी गांव में संदिग्ध उग्रवादियों ने हमला कर कम से कम दो घरों में आग लगा दी जिसके बाद सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए गोलियां चलाईं। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।

एक अधिकारी के अनुसार, बड़ी संख्या में अत्याधुनिक हथियारों से लैस उग्रवादियों ने मंगलवार रात करीब साढ़े दस बजे चावांगकिनिंग नगा गांव पर हमला किया। यह हमला तमेंगलोंग जिले के लीसांगफाई में दो कुकी महिलाओं की गोली मारकर हत्या किए जाने के कुछ घंटे बाद हुआ।

अधिकारी ने बताया कि घटना के बाद, पास के इलाके में तैनात सीआरपीएफ के जवानों ने जवाबी कार्रवाई की।

उन्होंने कहा, ‘‘बुधवार सुबह करीब साढ़े चार बजे तक लगभग छह घंटे रुक-रुककर गोलीबारी होती रही। सीआरपीएफ ने जवाबी गोलीबारी की और उग्रवादियों को गांव में प्रवेश करने से रोक दिया।’’

हालांकि, गांव के बाहरी हिस्से में बने लकड़ी के दो घरों में उग्रवादियों ने आग लगा दी।

गांव के निवासी डेनियल चारेनमई ने कहा, ‘‘ हमारे गांव पर रात करीब साढ़े दस बजे हमला हुआ और सुबह चार बजे तक गोलीबारी जारी रही। गांव में तैनात सीआरपीएफ कर्मियों ने जवाबी गोलीबारी की और गांव पर कब्जा होने से रोक लिया।’’

वरिष्ठ नगा नेता और नगा पीपुल्स फ्रंट के विधायक अवांगबो न्यूमई ने दो महिलाओं की हत्या और चावांगकिनिंग में घरों को जलाए जाने की घटना की बुधवार को निंदा की।

एक बयान में न्यूमई ने कहा, ‘‘ इस तरह की बर्बर और बेवजह की हिंसक घटनाओं से किसी भी समुदाय का कभी भला नहीं हो सकता।’’

कांगपोकपी जिले के सैकुल विधानसभा क्षेत्र की कुकी विधायक ने भी दोनों महिलाओं की हत्या की निंदा की। उन्होंने बताया कि पीड़ितों में से एक ने हाल ही में नर्सिंग की पढ़ाई पूरी की थी।

उन्होंने हत्या में एनएससीएन-आईएम और जेड़यूएफ-के , के लोगों के शामिल होने का आरोप लगाते हुए कहा, ‘‘निर्दोष महिलाओं की हत्या बेहद क्रूर कृत्य है, जिसे किसी भी राजनीतिक उद्देश्य या विचारधारा के आधार पर उचित नहीं ठहराया जा सकता।’’

भाषा वैभव शोभना

वैभव


लेखक के बारे में