इंफाल, 31 जनवरी (भाषा) मणिपुर की राजधानी इंफाल में हजारों लोगों ने शनिवार को रैली निकालकर अपने इस रुख का समर्थन किया कि राज्य की क्षेत्रीय और प्रशासनिक अखंडता को किसी भी कीमत पर विभाजित नहीं किया जा सकता।
मेइती नागरिक समाज संगठनों की संस्था मणिपुर अखंडता समन्वय समिति (सीओकोमी) ने ‘मणिपुर बचाओ’ रैली निकाली।
पूर्वोत्तर राज्य में जातीय संघर्ष के बाद कुकी समुदाय अपने सदस्यों के लिए एक अलग प्रशासनिक व्यवस्था की मांग कर रहा है।
मई 2023 में मणिपुर की इंफाल घाटी के मेइती और पहाड़ी क्षेत्रों के कुकी-जो समूहों के बीच शुरू हुई जातीय हिंसा में कम से कम 260 लोग मारे गए और हजारों लोग बेघर हो गए।
राज्य में पिछले साल फरवरी से राष्ट्रपति शासन लागू है।
शनिवार की रैली के दौरान, प्रदर्शनकारियों ने टिद्दिम मैदान से थाऊ मैदान तक पांच किलोमीटर की दूरी तय की।
उन्होंने नारेबाजी की और प्रदर्शनकारियों ने जो तख्तियां पकड़ी हुई थीं, उन पर लिखा था, “मणिपुर की क्षेत्रीय और प्रशासनिक अखंडता से कोई समझौता नहीं, मणिपुर को विभाजित करने का कोई प्रयास नहीं किया जाना चाहिए, और विस्थापितों को उनके घरों में पुनर्स्थापित किया जाना चाहिए’।”
प्रदर्शनकारियों में मेइती समुदाय के लोगों के साथ-साथ गैर-मणिपुरी, मुस्लिम और नगा समुदाय के लोग भी शामिल थे।
बिद्यालक्ष्मी ओइनम ने कहा, “हम इस रैली में भाग ले रहे हैं ताकि हम अपने इस रुख को दोहरा सकें कि मणिपुर की क्षेत्रीय और प्रशासनिक अखंडता को किसी भी कीमत पर विभाजित नहीं किया जाना चाहिए। हम इस पर कोई समझौता नहीं कर सकते।”
एक अन्य प्रदर्शनकारी, खागेंबम सुरजीत ने कहा, “मणिपुर की भूमि हमारे पूर्वजों ने बनाई है, म्यामां से आए अवैध प्रवासियों ने नहीं।”
कुकी समुदाय के लोगों का म्यामां के चिन समुदाय के लोगों से जातीय संबंध है। रैली को देखते हुए राजधानी भर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
भाषा जितेंद्र संतोष
संतोष