मनीष सिसोदिया ने शिक्षा मंत्री प्रधान को हटाने के लिए सभी दलों से एकजुट होने की अपील की
मनीष सिसोदिया ने शिक्षा मंत्री प्रधान को हटाने के लिए सभी दलों से एकजुट होने की अपील की
नयी दिल्ली, 19 जुलाई (भाषा) दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने रविवार को सभी राजनीतिक दलों से राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) का प्रश्न पत्र लीक होने के मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के समर्थन में जारी प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की।
सिसोदिया ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा में सुधार के लिए लगातार प्रयासों की जरूरत होती है।
उन्होंने कहा, “शिक्षा सुधार कोई छोटा काम नहीं है। इसमें वर्षों तक लगातार प्रयास करने पड़ते हैं। मैंने अपना जीवन शिक्षा सुधारों के लिए काम करते हुए बिताया है और इस उद्देश्य के लिए अपना बाकी जीवन भी समर्पित करने को तैयार हूं।”
सिसोदिया ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे लोगों को ‘शिक्षा क्रांति के सिपाही’ बताया और कहा कि अभिजीत दीपके और उनके साथियों ने ‘शिक्षा माफिया’ के खिलाफ लड़ाई छेड़ी है।
आम आदमी पार्टी (आप) के नेता ने कहा कि सोनम वांगचुक ने अपनी सेहत को दांव पर लगाकर आंदोलन को मजबूती दी है।
उन्होंने आंदोलनकारियों से अब तक बातचीत नहीं करने को लेकर सरकार की आलोचना की।
सिसोदिया ने कहा, “केंद्र सरकार ने अब तक इस प्रदर्शन की अनदेखी की है और सोनम वांगचुक की अपील पर ध्यान नहीं दिया है। यही वजह है कि देशभर के युवा इस आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए एकजुट हुए हैं। उनकी आवाज सुनी जानी चाहिए और इस मुद्दे पर संसद में चर्चा होनी चाहिए।”
इस बीच, भाजपा ने ‘आप’ पर प्रदर्शन का इस्तेमाल राजनीतिक उद्देश्यों के लिए करने का आरोप लगाया।
भाजपा की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने आरोप लगाया कि 28 जून से जारी वांगचुक के अनशन को ‘आप’, कांग्रेस और वाम दलों का समर्थन मिल रहा है जबकि 21 जून को नीट की दोबारा परीक्षा हो चुकी है।
उन्होंने दावा किया कि इस आंदोलन का उद्देश्य विद्यार्थियों के मुद्दे उठाना नहीं, बल्कि मानसून सत्र के दौरान ‘सड़कों से संसद तक हंगामा खड़ा करना’ है।
भाषा जितेंद्र दिलीप
दिलीप

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