मराठा और ओबीसी समुदाय एकजुट हों, मतभेदों को सुलझाएं : पंकजा मुंडे

मराठा और ओबीसी समुदाय एकजुट हों, मतभेदों को सुलझाएं : पंकजा मुंडे

मराठा और ओबीसी समुदाय एकजुट हों, मतभेदों को सुलझाएं : पंकजा मुंडे
Modified Date: October 27, 2025 / 02:19 pm IST
Published Date: October 27, 2025 2:19 pm IST

बीड (महाराष्ट्र), 27 अक्टूबर (भाषा) महाराष्ट्र की मंत्री पंकजा मुंडे ने आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे को अपना समर्थन देते हुए अपील की कि मराठा और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) समुदाय एकजुट हों और अपने मतभेदों को सुलझा लें।

बीड जिले के परली में रविवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक कार्यक्रम में मुंडे ने कहा कि पिछले साल लोकसभा चुनाव के दौरान उनके द्वारा दिए गए बयानों की ‘‘गलत व्याख्या’’ की गई और उन्होंने कभी भी जरांगे के खिलाफ नहीं बोला।

कार्यक्रम में जरांगे की उपस्थिति में उन्होंने मराठा और ओबीसी समुदायों के बीच मित्रता और एकता का आह्वान किया तथा दोनों पक्षों से बढ़ते सामाजिक विभाजन को पाटने का आग्रह किया।

ओबीसी समुदाय से ताल्लुक रखने वाली मुंडे ने कहा, ‘‘मैंने मनोज जरांगे के खिलाफ कुछ नहीं कहा है। लोकसभा चुनाव के दौरान मेरे भाषण का गलत मतलब निकाला गया। अगर वह दोबारा भूख हड़ताल करते हैं, तो मैं एक संरक्षक मंत्री के तौर पर उनसे मिलने को तैयार हूं। लेकिन मैं कानून के दायरे से बाहर जाकर काम नहीं करूंगी।’’

उन्होंने कहा, ‘‘भले ही कोई मेरे समुदाय का हो, मैं उनके गलत रुख का समर्थन नहीं करूंगी।’’

महाराष्ट्र सरकार ने ‘हैदराबाद गजेटियर’ को लागू करने के लिए दो सितंबर को एक सरकारी आदेश (जीआर) जारी किया, जिससे मराठा समुदाय के पात्र सदस्य कुनबी जाति प्रमाण पत्र के लिए आवेदन कर सकेंगे। इससे मराठा ओबीसी श्रेणी के तहत शिक्षा और सरकारी नौकरियों में आरक्षण का दावा कर सकेंगे।

यह जीआर तब जारी किया गया जब जरांगे ने 29 अगस्त से मुंबई में पांच दिनों तक भूख हड़ताल की।

हालांकि, इस फैसले से ओबीसी समुदाय के नेताओं में नाराजगी फैल गई।

भाषा गोला मनीषा

मनीषा


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