एमसीडी ने 1,511 अनधिकृत कॉलोनियों के नियमितीकरण के लिए स्वगम पोर्टल तैयार किया

एमसीडी ने 1,511 अनधिकृत कॉलोनियों के नियमितीकरण के लिए स्वगम पोर्टल तैयार किया

एमसीडी ने 1,511 अनधिकृत कॉलोनियों के नियमितीकरण के लिए स्वगम पोर्टल तैयार किया
Modified Date: April 18, 2026 / 03:22 pm IST
Published Date: April 18, 2026 3:22 pm IST

नयी दिल्ली, 18 अप्रैल (भाषा) दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) द्वारा 1,511 अनधिकृत कॉलोनियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी के बीच नगर निगम के स्वगम पोर्टल का सरकारी मुख्य पोर्टल के साथ एकीकरण के लिए प्रदर्शन परीक्षण किया गया है और इसे जनता के उपयोग के लिए तैयार किया जा रहा है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।

चिह्नित कॉलोनियों में 50 प्रतिशत से अधिक ड्रोन सर्वेक्षण पहले ही पूरे हो चुके हैं, जो संरचनाओं, सड़क नेटवर्क और संपत्ति की भौगोलिक सीमा निर्धारण के लिए एक आधार तैयार करते हैं।

उन्होंने बताया कि सर्वेक्षण से प्राप्त आंकड़ों को पोर्टल में शामिल किया जाएगा, जिससे निवासियों को अपनी संपत्ति के नियमितीकरण के लिए आवेदन करने में सुविधा होगी।

पोर्टल को तकनीकी शब्दजाल से बचाने के लिए फिर से डिजाइन किया गया है, जो सरलीकृत बैंकिंग आवेदनों के समान है। इसमें यह सुनिश्चित किया गया है कि आवेदक बिना किसी भ्रम के इसका उपयोग कर सकें।

एमसीडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘पोर्टल को जोड़ने का काम फिलहाल जारी है। हमने शुक्रवार को एक प्रदर्शन आयोजित किया और भाषा को सरल बनाने के लिए कुछ बदलाव किए ताकि एक आम आदमी भी प्रक्रिया, इसमें शामिल क्षेत्रों और अपने आवेदनों के निहितार्थों को आसानी से समझ सके।’’

अधिकारियों ने कहा कि इस प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण प्रावधान फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर) से संबंधित है।

अधिकारी ने कहा, ‘‘दिल्ली के मास्टर प्लान के तहत उचित अतिरिक्त क्षेत्रफल सीमा (एफएआर) से अधिक किसी भी निर्माण पर सामान्य अतिरिक्त एफएआर शुल्क से तीन गुना अधिक जुर्माना लगाया जाएगा।’’

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि संपत्ति के नियमितीकरण के लिए कोई एक समान शुल्क नहीं है और कहा, ‘‘इसमें कई घटक शामिल हैं, जिनमें आवेदन शुल्क और जांच शुल्क शामिल हैं जो लागू होंगे। उदाहरण के लिए जांच शुल्क 10 रुपये प्रति वर्ग मीटर है। इसलिए, 1,000 वर्ग मीटर के निर्मित क्षेत्र के लिए शुल्क 10,000 रुपये होगा।’’

एमसीडी के एक अन्य अधिकारी ने कहा कि पीएम-उदय योजना के तहत जिन निवासियों को अब तक स्वामित्व अधिकार प्राप्त नहीं हुए हैं उन्हें एक महीने के भीतर ये अधिकार मिलने की संभावना है।

इसके बाद, एमसीडी नियमितीकरण के लिए आवेदनों पर भी एक महीने के भीतर कार्रवाई करेगी।

भाषा सुरभि प्रशांत

प्रशांत


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