मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द किया जाना लोकतांत्रिक प्रक्रिया के साथ अन्याय: पायलट

मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द किया जाना लोकतांत्रिक प्रक्रिया के साथ अन्याय: पायलट

मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द किया जाना लोकतांत्रिक प्रक्रिया के साथ अन्याय: पायलट
Modified Date: June 10, 2026 / 10:39 pm IST
Published Date: June 10, 2026 10:39 pm IST

जयपुर, 10 जून (भाषा) कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट ने मध्यप्रदेश में राज्यसभा चुनाव के लिए पार्टी उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज किए जाने को अन्यायपूर्ण बताते हुए बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप लगाया।

पायलट करौली जिले के सकरघटा गांव में आयोजित किसान सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने अपने दिवंगत पिता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री राजेश पायलट की प्रतिमा का अनावरण भी किया।

राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री ने दावा किया कि मीनाक्षी नटराजन का नामांकन गैरकानूनी तरीके से निरस्त किया गया।

मध्यप्रदेश में राज्यसभा की तीन सीट के लिए प्रस्तावित चुनाव में नटराजन का नामांकन मंगलवार को शपथपत्र में जानकारी छिपाने के आरोप में खारिज कर दिया गया।

राज्यसभा चुनाव के निर्वाचन अधिकारी अरविंद शर्मा द्वारा जारी आदेश में कहा गया कि उपलब्ध दस्तावेजों की जांच के दौरान पाया गया कि नटराजन ने नामांकन पत्र के साथ जमा किए गए फॉर्म-26 में अदालत में लंबित एक शिकायत का उल्लेख नहीं किया था। इस कारण उनका हलफनामा अधूरा माना गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पायलट ने कहा कि यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया के साथ अन्याय है।

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘जब कांग्रेस के कार्यकर्ता और नेता इस अन्याय के खिलाफ निर्वाचन आयोग पहुंचे, तो उनके लिए आयोग के लोहे के दरवाजे और ताले बंद कर दिए गए।’’

पायलट ने आरोप लगाया, ‘‘भाजपा सरकार ने संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने का काम किया है, जो बेहद चिंताजनक है।’’

कांग्रेस नेता ने किसानों के मुद्दों को लेकर भी केंद्र और राज्य सरकारों पर निशाना साधा।

उन्होंने दावा किया कि किसान खाद, बीज, बिजली और पानी की बढ़ती लागत से जूझ रहे हैं, जबकि उन्हें अपनी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) को धीरे-धीरे कमजोर कर रही है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर कम होते जा रहे हैं।

राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) के प्रश्नपत्र लीक मामले का उल्लेख करते हुए पायलट ने कहा कि इस तरह की घटनाओं से लाखों विद्यार्थियों और उनके परिवारों की उम्मीदों को गहरा आघात पहुंचा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक की घटनाओं ने युवाओं का भरोसा कमजोर किया है।

भाषा पृथ्वी खारी

खारी


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