मेघालय : खासी, जयंतिया, गारो जनजातियों की उत्पत्ति का अध्ययन करने के लिए शोध परियोजना शुरू

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मेघालय : खासी, जयंतिया, गारो जनजातियों की उत्पत्ति का अध्ययन करने के लिए शोध परियोजना शुरू

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  • Publish Date - April 15, 2026 / 11:17 AM IST,
    Updated On - April 15, 2026 / 11:17 AM IST

शिलांग, 15 अप्रैल (भाषा) मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड के. संगमा ने मंगलवार को घोषणा की कि राज्य सरकार ने खासी, जयंतिया और गारो जनजातियों की उत्पत्ति का अध्ययन करने के लिए एक व्यापक शोध परियोजना शुरू की है।

संगमा ने बताया कि अध्ययन करने के लिए दो अलग-अलग समितियां गठित की गई हैं, जिनमें से एक खासी-जयंतिया समुदाय पर और दूसरी गारो जनजाति पर अध्ययन करेगी।

संगमा ने कहा कि इस परियोजना में डीएनए मैपिंग के साथ-साथ भाषाई और सांस्कृतिक संबंधों का अध्ययन और जनजातियों के विभिन्न पहलुओं पर दस्तावेज तैयार करने के लिए शोधकर्ताओं के बीच बातचीत आदि शामिल है।

तारा घर सरकारी अतिथिगृह में कई बैठकों की अध्यक्षता करने के बाद उन्होंने कहा, ‘‘ हम यह इसलिए कर रहे हैं क्योंकि हम यह पता लगाना चाहते हैं कि क्या कोई और तथ्य उपलब्ध है…।’’

उन्होंने कहा कि इस परियोजना के 18 से 24 महीनों के भीतर पूरा होने की उम्मीद है और शोध के दौरान समय-समय पर रिपोर्ट जारी की जाएंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘ हम मई के महीने में इस विशेष शोध कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत करेंगे।’

अधिकारियों ने बताया कि अध्ययन पर प्रारंभिक कार्य शुरू हो चुका है और टीम फरवरी से ही प्रारंभिक शोध में लगी हुई हैं।

उन्होंने कहा कि इस परियोजना में मेघालय की मूल जनजातियों की उत्पत्ति का गहन विश्लेषण करने के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों का परामर्श भी शामिल होगा।

भाषा शोभना मनीषा

मनीषा