जम्मू-कश्मीर विधानसभा में विभिन्न दलों के सदस्य अधिकारियों की अनुपस्थिति के मुद्दे पर एकजुट

जम्मू-कश्मीर विधानसभा में विभिन्न दलों के सदस्य अधिकारियों की अनुपस्थिति के मुद्दे पर एकजुट

जम्मू-कश्मीर विधानसभा में विभिन्न दलों के सदस्य अधिकारियों की अनुपस्थिति के मुद्दे पर एकजुट
Modified Date: April 1, 2026 / 03:59 pm IST
Published Date: April 1, 2026 3:59 pm IST

जम्मू, एक अप्रैल (भाषा) जम्मू-कश्मीर विधानसभा में बुधवार को विभिन्न दलों के सदस्यों के बीच एक मुद्दे को लेकर एकजुटता देखने को मिली। सभी दलों के सदस्यों ने दीर्घा में वरिष्ठ अधिकारियों की अनुपस्थिति पर नाराज़गी जताई। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष अब्दुल रहीम राठेर ने इस मुद्दे को मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के सामने उठाने की बात कही।

नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक नजीर अहमद गुरेजी ने प्रश्नकाल के अंत में यह मुद्दा उठाया, जिसपर उन्हें सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के सदस्यों का समर्थन मिला और कई सदस्य विरोध जताते हुए अपनी-अपनी सीट से खड़े हो गए।

विधानसभा अध्यक्ष ने आश्वासन दिया कि सदन ने सदस्यों की चिंताओं को संज्ञान में लिया है और यह जरूरी है कि संबंधित विभागों के अधिकारी उन सवालों के दौरान मौजूद रहें, जो उनके विभाग से पूछे गए हैं।

उन्होंने कहा, “पूरे सचिवालय का यहां उपस्थित होना न तो उचित है और न ही संभव, क्योंकि जगह की कमी है। लेकिन मुख्यमंत्री को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि संबंधित अधिकारी उपस्थित रहें, सही तरीके से नोट्स लें और सदस्यों की चिंताओं का संतोषजनक समाधान करें।”

गुरेजी ने कहा कि वह 22 वर्षों से सदन के सदस्य हैं, लेकिन उन्होंने कभी भी सदन की इस तरह अनदेखी होते हुए नहीं देखी।

उन्होंने अधिकारियों की दीर्घा में खाली कुर्सियों की ओर इशारा करते हुए कहा, “पहले मुख्य सचिव और आयुक्त सचिव कार्यवाही में शामिल होते थे और सदन की गरिमा का सम्मान करते थे। आजकल अधिकारी आने से बचते हैं।”

गुरेजी ने मुख्यमंत्री से ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।

उन्होंने कहा कि यह सदन सर्वोच्च है और सभी अधिकारियों को, चाहे उनका पद कुछ भी हो, जवाबदेह होना चाहिए और सदन में उपस्थित रहना चाहिए।

भाजपा विधायक श्याम लाल शर्मा ने कहा कि अधिकारियों की अनुपस्थिति सही परंपरा नहीं है।

उन्होंने कहा, “मुझे विश्वास है कि मुख्यमंत्री इस पर ध्यान देंगे। आपकी (अध्यक्ष की) ओर से भी मुख्य सचिव को नोटिस जारी करके स्पष्टीकरण मांगा जाना चाहिए।

भाषा जोहेब नरेश

नरेश


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