पश्चिम बंगाल में प्रवासी सत्ता परिवर्तन के पक्ष में, निवेश के भी इच्छुक: भाजपा

पश्चिम बंगाल में प्रवासी सत्ता परिवर्तन के पक्ष में, निवेश के भी इच्छुक: भाजपा

पश्चिम बंगाल में प्रवासी सत्ता परिवर्तन के पक्ष में, निवेश के भी इच्छुक: भाजपा
Modified Date: April 20, 2026 / 03:41 pm IST
Published Date: April 20, 2026 3:41 pm IST

कोलकाता, 20 अप्रैल (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सोमवार को दावा किया कि बंगाली प्रवासी राज्य में सत्ता परिवर्तन के पक्ष में हैं और उन्होंने यहां निवेश करने की इच्छा जताई है।

यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस निवेश-अनुकूल माहौल बनाने में ‘‘नाकाम’’ रही है, जिसके कारण ही ‘‘कंपनियों का राज्य से पलायन हुआ है’’।

उन्होंने कहा कि अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और सिंगापुर जैसे देशों में काम करने वाले बंगाली भाजपा का समर्थन कर रहे हैं और उनका मानना है कि ‘‘पश्चिम बंगाल के लिए बदलाव जरूरी हो गया है।’’

‘ओवरसीज फ्रेंड्स ऑफ भाजपा’ के सदस्य भी ऑनलाइन माध्यम से संवाददाता सम्मेलन में शामिल हुए।

अमेरिका से संगठन के एक सदस्य ने कहा, “विदेशों में कार्यरत बंगाली राज्य से भावनात्मक रूप से जुड़े हैं और इसके विकास में योगदान देना चाहते हैं। उनमें से कई प्रत्यक्ष विदेशी निवेश लाने और नए उद्यम स्थापित करने के इच्छुक हैं।”

उन्होंने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र जैसे राज्य अरबों डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आकर्षित करते हैं, जबकि पश्चिम बंगाल इसमें काफी पीछे है।

भट्टाचार्य ने दावा किया, “निवेश को बढ़ावा देने वाली एकमात्र पार्टी भाजपा ही है। तृणमूल कांग्रेस के शासन में पश्चिम बंगाल से कंपनियों का पलायन हुआ और करीब 6,300 कंपनियां यहां से बाहर जा चुकी हैं।”

उन्होंने प्रवासी श्रमिकों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि रोजगार की तलाश में राज्य छोड़कर गए बड़ी संख्या में लोग अब राजनीतिक बदलाव चाहते हैं।

उन्होंने कहा, “हमारे अनुमान के अनुसार, पश्चिम बंगाल से करीब 40 लाख प्रवासी श्रमिक हैं। हम उनके संपर्क में हैं। वे अपने गृह राज्य में विकास और रोजगार के अवसर चाहते हैं। विधानसभा चुनावों से पहले उनके लिए विशेष ट्रेनों की व्यवस्था की जा रही है, जिससे वे राज्य में आ रहे हैं।”

‘ओवरसीज फ्रेंड्स ऑफ भाजपा’ के सदस्यों ने आरोप लगाया कि प्रौद्योगिकी से लेकर अंतरिक्ष अनुसंधान तक विभिन्न क्षेत्रों में बंगालियों की वैश्विक सफलता के बावजूद, औद्योगिक विकास की कमी के कारण राज्य इस प्रतिभा का लाभ उठाने में नाकाम रहा है।

संगठन के एक सदस्य ने कहा, “बंगालियों ने सिलिकॉन वैली से लेकर वैश्विक संस्थानों तक अपनी पहचान बनाई है, लेकिन पश्चिम बंगाल उतनी तेजी से प्रगति नहीं कर पाया है। प्रवासी समुदाय का मानना है कि राज्य को विकास के पथ पर वापस लाने के लिए यह महत्वपूर्ण समय है।”

विदेश में रहने वाले भाजपा समर्थकों के साथ यह संवाद विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी के व्यापक जनसंपर्क अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य राज्य में राजनीतिक परिवर्तन के पक्ष में समर्थन जुटाना है।

पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के चुनाव दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को होंगे, जबकि मतगणना चार मई को की जाएगी।

भाषा खारी प्रशांत

प्रशांत


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