रोजगार के लिए पलायन पीएम आवास योजना के लाभ से वंचित करने का आधार नहीं: सरकार

रोजगार के लिए पलायन पीएम आवास योजना के लाभ से वंचित करने का आधार नहीं: सरकार

रोजगार के लिए पलायन पीएम आवास योजना के लाभ से वंचित करने का आधार नहीं: सरकार
Modified Date: June 11, 2026 / 07:42 pm IST
Published Date: June 11, 2026 7:42 pm IST

नयी दिल्ली, 11 जून (भाषा) ग्रामीण विकास मंत्रालय ने केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) को बताया है कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) के तहत पात्र प्रवासी मजदूरों को पक्के घर देने से सिर्फ इसलिए मना नहीं किया जा सकता क्योंकि वे काम के सिलसिले में कुछ समय के लिए अपने मूल गांव से बाहर रहते हैं।

यह स्पष्टीकरण एक आरटीआई (सूचना का अधिकार) अपील की सुनवाई के दौरान आया, जिसमें आवेदक ने यह जानकारी मांगी थी कि क्या काम के लिए अस्थायी रूप से पलायन करने वाले ग्रामीण परिवारों को पीएमएवाई-जी और अन्य ग्रामीण कल्याण योजनाओं के लाभों से वंचित किया जा सकता है।

सीआईसी के हालिया आदेश के अनुसार, मंत्रालय ने कहा कि ‘‘ग्रामीण विकास मंत्रालय ने ऐसा कोई खास आदेश जारी नहीं किया है, ना ही ऐसा कोई नियम है, जिसके तहत किसी परिवार को सिर्फ इस आधार पर पीएमएवाई-जी के फायदों से वंचित किया जाए कि वे काम या मजदूरी के लिए कुछ समय के लिए अपने मूल स्थान से बाहर रह रहे हैं।’’

मंत्रालय ने सीआईसी को यह भी बताया कि पीएमएवाई-जी के तहत पात्रता केंद्र द्वारा जारी रूपरेखा और दिशानिर्देशों के अनुसार तय की जाती है, जबकि इस योजना को राज्य सरकारें लागू करती हैं।

आयोग ने मंत्रालय से विशेष रूप से पूछा कि क्या कोई ऐसी नीति या नियम है जो पात्र लाभार्थियों को उनके मूल स्थान से बाहर रहने के कारण पीएमएवाई-जी लाभ से वंचित करता हो। जवाब में, मंत्रालय ने कहा कि ‘‘ऐसा कोई नियम या नीति मौजूद नहीं है।’’

मंत्रालय ने यह भी बताया कि पीएमएवाई-जी के तहत लाभार्थियों की पहचान सामाजिक-आर्थिक और जाति जनगणना 2011 के तहत आवास की कमी के पैमानों के आधार पर की जाती है, जिसके बाद ग्राम सभाओं और तय अपील प्रक्रिया के जरिए उनकी पुष्टि की जाती है।

भाषा आशीष नरेश

नरेश


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