ग्यारह वर्षों में दूध उत्पादन 70 प्रतिशत बढ़ा, तीन साल में एफएमडी मुक्त होगा भारत : सरकार

ग्यारह वर्षों में दूध उत्पादन 70 प्रतिशत बढ़ा, तीन साल में एफएमडी मुक्त होगा भारत : सरकार

ग्यारह वर्षों में दूध उत्पादन 70 प्रतिशत बढ़ा, तीन साल में एफएमडी मुक्त होगा भारत : सरकार
Modified Date: March 25, 2026 / 04:35 pm IST
Published Date: March 25, 2026 4:35 pm IST

नयी दिल्ली, 25 मार्च (भाषा) केंद्र सरकार ने बुधवार को राज्यसभा में कहा कि देश में पिछले 11 वर्षों में दूध उत्पादन लगभग 70 प्रतिशत बढ़कर 2024-25 में 24.8 करोड़ टन हो गया है और भारत अगले तीन वर्षों में फुट एंड माउथ डिजीज (एफएमडी) से मुक्त हो जाएगा।

प्रश्नकाल के दौरान पूरक प्रश्नों का जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ने कहा कि हाल के वर्षों में एफएमडी और ब्रुसेलोसिस के प्रकोप में कमी आई है।

मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री ने कहा, “भारत दुनिया का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक देश है।” उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के पिछले 11 वर्ष के कार्यकाल में दूध उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

उन्होंने बताया कि देश का दूध उत्पादन 2014-15 में 14.63 करोड़ टन था जो 2024-25 में लगभग 70 प्रतिशत बढ़कर 24.8 करोड़ टन हो गया है।

मंत्री ने कहा कि इस दौरान उत्पादकता भी बढ़ी है, जो प्रति पशु सालाना 1,648 किलोग्राम से बढ़कर 2,251 किलोग्राम हो गई है।

सिंह ने कहा, “हम दुनिया के सबसे बड़े दुग्ध उत्पादक होने के बावजूद निर्यात नहीं कर पा रहे हैं, जिसका मुख्य कारण एफएमडी है।” उन्होंने कहा कि विकसित देशों को आयात के लिए यह प्रमाणन चाहिए कि भारत एफएमडी मुक्त है।

मंत्री ने बताया कि सरकार ने एफएमडी नियंत्रण के लिए कई कदम उठाए हैं और इसके प्रकोप के मामले 2019 में 132 थे जो घटकर पिछले वर्ष 40 रह गए हैं। उन्होंने कहा कि पशुओं के टीकाकरण का पूरा खर्च केंद्र सरकार वहन कर रही है।

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य विश्व पशु स्वास्थ्य संगठन से प्रमाणन प्राप्त कर भारत को एफएमडी मुक्त बनाना है।

एक अन्य प्रश्न के लिखित उत्तर में मंत्री ने बताया कि एफएमडी से बचाव के लिए अब तक कुल 132.49 करोड़ पशुओं का टीकाकरण किया गया है। इनमें 130.30 करोड़ गोवंश/भैंस और 2.19 करोड़ भेड़/बकरी हैं।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत 4-8 माह आयु की 3.17 करोड़ मादा बछियों का ब्रुसेलोसिस के लिए टीकाकरण किया गया है। यह जानकारी राज्यों द्वारा भारत पशुधन पोर्टल पर अपलोड किए गए आंकड़ों पर आधारित है और एफएमडी के लिए टीकाकरण साल में दो बार किया जाता है।

सिंह ने बताया कि पशुपालन एवं डेयरी विभाग ने बड़े पैमाने पर टीकाकरण कार्यक्रम को सुव्यवस्थित किया है, जिससे इसके प्रकोप के मामले 2019 में 132 से घटकर पिछले वर्ष 40 रह गए हैं, जबकि इसी अवधि में ब्रुसेलोसिस के मामले 22 से घटकर छह रह गए हैं।

उन्होंने बताया कि इसके अलावा, ‘भारत पशुधन’ नामक डिजिटल डाटाबेस विकसित किया गया है, जिसमें प्रत्येक पशु को पहचान और ट्रैकिंग के लिए 12 अंकों की विशिष्ट टैग आईडी दी जाती है। अब तक 36.81 करोड़ पशुओं का इस पोर्टल पर पंजीकरण किया जा चुका है।

भाषा मनीषा वैभव

वैभव


लेखक के बारे में