मंत्री मीणा पहुंचे एसीबी मुख्यालय, प्राथमिकी में लिखे ‘मंत्री’ शब्द के बारे में स्ष्टीकरण मांगा
मंत्री मीणा पहुंचे एसीबी मुख्यालय, प्राथमिकी में लिखे ‘मंत्री’ शब्द के बारे में स्ष्टीकरण मांगा
जयपुर, 19 जून (भाषा) राजस्थान के कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा शुक्रवार को यहां भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) के मुख्यालय पहुंचे और कथित नकली बीज घूसकांड मामले में हाल ही में हुई गिरफ्तारी से जुड़ी प्राथमिकी में जिक्र किए गए ‘डॉक्टर और मंत्री’ के बारे में स्पष्टीकरण मांगा।
पत्रकारों से बात करते हुए मंत्री ने कहा कि वह राज्य बीज निगम के तत्कालीन स्वतंत्र निदेशक जुगल किशोर की आठ जून को हुई गिरफ्तारी के सिलसिले में दर्ज प्राथमिकी के बारे में एसीबी से सवाल करने आए थे।
मीणा ने कहा, ‘‘मैं जानना चाहता हूं कि प्राथमिकी में जिस ‘डॉक्टर और मंत्री’ का जिक्र है, वह कौन हैं? मैं डॉक्टर भी हूं और मंत्री भी। राजस्थान के लोगों में भ्रम बना हुआ है।’’
उन्होंने कहा कि अगर जांच में वह दोषी पाए जाते हैं, तो उन्हें गिरफ्तार किया जाना चाहिए लेकिन अगर वह शामिल नहीं हैं तो एसीबी को इस मामले को सार्वजनिक रूप से स्पष्ट करना चाहिए।
मीणा ने कहा कि इस मामले में राजनीतिक विरोधी ही उन पर आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने जांच के तरीके पर भी सवाल उठाए।
मंत्री ने एसीबी पर दबाव में काम करने और उन्हें बदनाम करने के लिए इस मामले को ‘‘राजनीतिक हथियार’’ के तौर पर इस्तेमाल करने का भी आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, ‘‘ऐसे मामले में लक्ष्मण रेखा पार नहीं करनी चाहिए।’’
इसके अलावा मंत्री मीणा ने राजस्थान राज्य वेयरहाउसिंग निगम और करौली जिले में पंचायत-स्तर के विकास कार्य में कथित अनियमितताओं की जांच में देरी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि बार-बार शिकायतें करने के बावजूद प्राथमिकी दर्ज नहीं की गईं।
इस बीच, अधिकारियों ने बताया कि बीज निगम मामले में विस्तृत जांच चल रही है।
एसीबी को दिए गए ज्ञापन में मीणा ने कहा कि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा द्वारा लगाए गए आरोप गंभीर हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता को सबूत देने चाहिए वरना वह डोटासरा के खिलाफ मानहानि का मुकदमा करेंगे।
उल्लेखनीय है कि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने राजस्थान राज्य बीज निगम के निदेशक सहित छह लोगों को रिश्वत मामले में गिरफ्तार किया था। एसीबी ने निगम के निदेशक जुगल किशोर बिश्नोई और अन्य पांच आरोपियों – गणपत राम बिश्नोई, स्वतंत्र बिश्नोई, किरण कपाड़िया, सुनील सेतिया और सतपाल को गिरफ्तार किया।
इनके पास से 2.44 करोड़ रुपये बरामद किए गए जो कथित तौर पर एक बीज कंपनी मालिक के खिलाफ कार्रवाई को निपटाने के लिए रिश्वत के रूप में लिए गए थे।
वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि आज के घटनाक्रम ने राज्य की भाजपा सरकार की आपसी कलह को उजागर कर दिया है।
उन्होंने एक बयान में कहा, ‘‘राजस्थान की भाजपा सरकार के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा द्वारा आज की गई प्रेस वार्ता ने भाजपा सरकार की आपसी कलह को उजागर कर दिया है। कृषि मंत्री ने एसीबी पर सीधे उन्हें किसी दबाव में आकर फंसाने के आरोप लगाए हैं। कृषि मंत्री ने एसीबी को राजनीतिक हथियार के तौर पर इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है।’’
गहलोत के अनुसार, ‘‘एसीबी सीधे मुख्यमंत्री के अधीन है। क्या कृषि मंत्री सीधे मुख्यमंत्री पर उन्हें फंसाने का आरोप लगा रहे हैं? अब जिम्मेदारी मुख्यमंत्री की है कि वह सच्चाई बताएं कि कृषि मंत्री इस रिश्वत प्रकरण में लिप्त हैं या मुख्यमंत्री के अधीन एसीबी उन्हें फंसा रही है?’’
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डोटासरा ने भी इस घटनाक्रम पर कटाक्ष किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर दावा किया, ‘‘राजस्थान में खाद-बीज रिश्वतकांड में कृषि मंत्री के करीबी करोड़ों रुपए के साथ पकड़े गए। अब गिरफ्तारी की आंच अपने दरवाजे तक पहुंचती देख कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल जी मुख्यमंत्री को ही ‘लक्ष्मण रेखा’ यानी अपनी हद में रहने की धमकी दे रहे हैं।’’
भाषा शफीक
शफीक

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