मंत्री प्रियंक खरगे सुर्खियों में बने रहने के लिए आरएसएस को निशाना बनाते हैं : तेजस्वी सूर्या

मंत्री प्रियंक खरगे सुर्खियों में बने रहने के लिए आरएसएस को निशाना बनाते हैं : तेजस्वी सूर्या

मंत्री प्रियंक खरगे सुर्खियों में बने रहने के लिए आरएसएस को निशाना बनाते हैं : तेजस्वी सूर्या
Modified Date: June 23, 2026 / 03:55 pm IST
Published Date: June 23, 2026 3:55 pm IST

बेंगलुरु, 23 जून (भाषा) बेंगलुरु दक्षिण से लोकसभा सदस्य तेजस्वी सूर्या ने मंगलवार को कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियंक खरगे पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि खरगे राज्य में निवेश, उद्योग और रोजगार पैदा करने से जुड़े मुद्दों को नजरअंदाज करके, सिर्फ सुर्खियों में बने रहने के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर हमला करने पर ध्यान दे रहे हैं।

बेंगलुरु में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता ने आरोप लगाया कि मंत्री ऐसे समय में कामकाज के बजाय राजनीतिक संदेश देने को प्राथमिकता दे रहे हैं, जब कर्नाटक को औद्योगिक निवेश और कारोबार के विस्तार के लिए पड़ोसी राज्यों से बढ़ती प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है।

सूर्या ने कहा, “ऐसा लगता है किसी ने उन्हें जनसंपर्क की बहुत अच्छी सलाह दी है। सलाह यह है कि अगर आप रोजाना खबरों में बने रहना चाहते हैं और खुद मुख्यमंत्री से भी ज्यादा टेलीविजन पर दिखना चाहते हैं, तो यही रणनीति है। हर दिन आरएसएस पर हमला करें।”

भाजपा सांसद ने दावा किया कि बेंगलुरु और कर्नाटक के दूसरे हिस्सों में कंपनियों ने जमीन अधिग्रहण में आने वाली दिक्कतों, खराब अवसंरचना, बिजली की भरोसेमंद आपूर्ति न होने और भ्रष्टाचार को लेकर चिंता जताई है, जिसकी वजह से उनमें से कुछ कंपनियां राज्य के बाहर मौके तलाश रही हैं। उन्होंने कहा कि पड़ोसी राज्य निवेश के लिए वैकल्पिक जगहें देकर ऐसी कंपनियों को लुभाने की कोशिश कर रहे हैं।

सूर्या ने उदाहरण के तौर पर तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के उन नेताओं का जिक्र किया, जिन्होंने उन कंपनियों से संपर्क किया जो कर्नाटक में कारोबार के माहौल को लेकर सार्वजनिक रूप से असंतोष जता चुकी थीं। उनके अनुसार, दूसरे राज्य निवेश हासिल करने, रोजगार पैदा करने और अपनी अर्थव्यवस्थाओं को मजबूत करने के लिए जोर-शोर से प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, “पड़ोसी राज्य कंपनियों को अपने यहां लाने, निवेश आकर्षित करने, युवाओं के लिए रोजगार पैदा करने और अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए जोर-शोर से प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। जहां वे निवेश आकर्षित करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, वहीं हमारे लोग हर सुबह उठकर आरएसएस के बारे में बातें करते हैं।”

भाजपा के लोकसभा सदस्य ने कांग्रेस सरकार पर यह आरोप भी लगाया कि वह ठोस प्रशासनिक नतीजे देने के बजाय प्रचार-प्रसार पर ज्यादा निर्भर है।

कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियंक खरगे ने 15 जून को आरएसएस से कहा कि वह अपना पंजीकरण कराए, अपनी कानूनी स्थिति स्पष्ट करे और निधि, आय, खर्च और संपत्ति के स्रोतों का खुलासा करे। उन्होंने तर्क दिया कि संगठन को पारदर्शिता और संवैधानिक जवाबदेही बनाए रखनी चाहिए।

आरएसएस की स्थापना के 100 साल पूरे होने का जश्न समाप्त होने की ओर बढ़ने के बीच प्रियंक खरगे ने संघ प्रमुख मोहन भागवत को पत्र लिखकर संगठन की स्थिति के बारे में स्पष्टीकरण मांगा।

भाषा प्रशांत दिलीप

दिलीप


लेखक के बारे में