मीरवाइज ने जम्मू-कश्मीर में बढ़ती पाबंदियों और इजरायल, अमेरिका की कार्रवाई पर चिंता व्यक्त की

मीरवाइज ने जम्मू-कश्मीर में बढ़ती पाबंदियों और इजरायल, अमेरिका की कार्रवाई पर चिंता व्यक्त की

मीरवाइज ने जम्मू-कश्मीर में बढ़ती पाबंदियों और इजरायल, अमेरिका की कार्रवाई पर चिंता व्यक्त की
Modified Date: March 6, 2026 / 04:43 pm IST
Published Date: March 6, 2026 4:43 pm IST

श्रीनगर, छह मार्च (भाषा) कश्मीर के प्रमुख मुस्लिम धर्मगुरु मीरवाइज उमर फारूक ने शुक्रवार को कहा कि उन्हें नजरबंद कर दिया गया है और ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के विरोध में हो रहे प्रदर्शनों के मद्देनजर लगाए गए कड़े प्रतिबंधों के बीच जामिया मस्जिद को सामूहिक नमाज के लिए बंद कर दिया गया है।

मीरवाइज ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘घाटी में पाबंदियां जारी हैं और रमजान के पवित्र महीने में शुक्रवार को इन्हें और भी कड़ा कर दिया गया है। मुझे भी नजरबंद कर दिया गया है और इन पवित्र दिनों में, जब हजारों लोग दुआ और मार्गदर्शन पाने के लिए मस्जिदों में आते हैं, जामा मस्जिद का उपदेश मंच खामोश है और मस्जिद की ओर जाने वाले सभी रास्तों को बंद कर दिया गया है। यह बहुत दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है।’’

ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई की हत्या के विरोध में सामूहिक नमाज के बाद संभावित प्रदर्शनों की आशंका के मद्देनजर शुक्रवार को कश्मीर घाटी में आवागमन पर प्रतिबंध और कड़े कर दिये गये।

श्रीनगर शहर में तड़के ही भारी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों को तैनात किया गया, ताकि लोगों को इकट्ठा होने से रोका जा सके।

अधिकारियों ने कहा कि शहर में प्रवेश करने वाले महत्वपूर्ण चौराहों पर कंटीले तार और बैरिकेड लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि ये कानून-व्यवस्था बनाये रखने के लिए एहतियाती उपाय हैं।

मीरवाइज ने हालांकि कहा कि कश्मीर में आज जो परेशानी है, वह केवल पाबंदियों के कारण नहीं है।

उन्होंने कहा, ‘‘पश्चिम एशिया में इजराइल और अमेरिका के हमले से दुनियाभर के मुसलमान आहत और बेहद चिंतित हैं।’’

मीरवाइज ने कहा कि इजराइल और अमेरिका अपने हितों के अनुरूप इस क्षेत्र को ‘‘पुनर्निर्मित’’ करना चाहते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘इसके लिए वे किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं, यहां तक कि एक देश के प्रमुख नेता अयातुल्ला खामेनेई की निर्मम हत्या और एक संप्रभु राष्ट्र ईरान पर हमला करके पूरे क्षेत्र को संकट और शोक में डुबो देना चाहते हैं।’’

खामेनेई की हत्या के खिलाफ प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए मीरवाइज ने कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लोगों ने इस आक्रामकता की कड़ी निंदा की है।

मीरवाइज ने कहा कि वह ईरान और फलस्तीन के लोगों के साथ-साथ इस क्षेत्र में आक्रामकता का सामना कर रहे सभी लोगों के साथ एकजुटता से खड़े हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘सभी मानव जीवन अनमोल हैं और युद्ध तथा हिंसा मानव निर्मित आपदाएं हैं, जो अनमोल जीवन की हानि का कारण बनती हैं। अल्लाह सभी की रक्षा करे, जो लोग शोक में हैं उन्हें धैर्य दे, अत्याचार करने वालों को जल्द न्याय के कटघरे में लाए और पीड़ितों को अत्याचार से मुक्ति दिलाए।’’

भाषा

देवेंद्र दिलीप

दिलीप


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