मिसिंग छात्र संगठन ने असम को अरुणाचल से जोड़ने वाली सड़कें अवरुद्ध कीं

मिसिंग छात्र संगठन ने असम को अरुणाचल से जोड़ने वाली सड़कें अवरुद्ध कीं

मिसिंग छात्र संगठन ने असम को अरुणाचल से जोड़ने वाली सड़कें अवरुद्ध कीं
Modified Date: August 12, 2026 / 04:06 pm IST
Published Date: August 12, 2026 4:06 pm IST

उत्तर लखीमपुर, 12 अगस्त (भाषा) असम में मिसिंग समुदाय के शीर्ष छात्र संगठन ‘टाकाम मिसिंग पोरिन केबांग’ (टीएमपीके) ने अरुणाचल प्रदेश से सटी सीमा पर गोलीबारी की घटना के विरोध में बुधवार को अनिश्चितकालीन आर्थिक नाकेबंदी शुरू कर दी। इस घटना में 12 स्थानीय लोग घायल हो गए थे।

टीएमपीके ने बताया कि विरोध-प्रदर्शन के तहत प्रदर्शनकारियों ने अंतर-राज्यीय सीमा पर मुख्य प्रवेश बिंदुओं को अवरुद्ध कर दिया, जिनमें द्वारमुख-बांदरदेवा, धेमाजी में रुक्सिन, लखीमपुर में बांदरदेवा, गोहपुर में सोलेन्गी और विश्वनाथ में पाभोई की सड़कें शामिल हैं।

धेमाजी जिले में सोमवार को अंतरराज्यीय सीमा पर जमीन पर अतिक्रमण के मुद्दे को लेकर कथित तौर पर अरुणाचल प्रदेश के उपद्रवियों की ओर से की गई गोलीबारी में असम के कम से कम 12 लोग घायल हो गए थे।

टीएमपीके के सचिव सान पांगिंग ने कहा, “अंतरराज्यीय सीमा पर इस तरह की घटनाएं नयी नहीं हैं, लेकिन हमारी सरकार ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। इस बार हमारा आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक सभी दोषियों को गिरफ्तार कर असम पुलिस को नहीं सौंप दिया जाता।”

टीएमपीके के साथ मिसिंग मिमांग केबांग (एमएमके) और टाकाम मिसिंग महिला केबांग (टीएमएमके) जैसे अन्य स्थानीय संगठन भी आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं। इन संगठनों ने प्रवेश मार्गों पर अरुणाचल के पंजीकरण वाले वाहनों की आवाजाही रोक दी।

प्रदर्शनकारी संगठन असम-अरुणाचल सीमा विवाद का जल्द समाधान, दो दिन पहले हुई गोलीबारी में शामिल “उपद्रवियों” के खिलाफ कार्रवाई और असम की जमीन पर कथित अतिक्रमण रोकने की मांग कर रहे हैं।

असम-अरुणाचल सीमा पर गेरुकामुख थाना क्षेत्र की मिंगमंग बस्ती में 10 अगस्त को गोलीबारी की घटना हुई थी।

पुलिस के मुताबिक, यह विवाद अरुणाचल प्रदेश के लोगों द्वारा असम की जमीन पर कथित अतिक्रमण को लेकर शुरू हुआ था।

असम और अरुणाचल प्रदेश 804.1 किलोमीटर लंबी सीमा साझा करते हैं, जो असम के उदलगुरी, सोनितपुर, बिश्वनाथ, लखीमपुर, धेमाजी, तिनसुकिया, डिब्रूगढ़ और चराइदेव जिलों तथा अरुणाचल के 12 जिलों से होकर गुजरती है।

दोनों राज्यों के बीच अंतरराज्यीय सीमा पर करीब 1,200 विवादित स्थान हैं।

असम सरकार ने 29 जुलाई को राज्य विधानसभा को बताया था कि अरुणाचल प्रदेश ने कथित तौर पर 16,144.01 हेक्टेयर जमीन पर अतिक्रमण किया है।

सरकार के अनुसार, पड़ोसी राज्य इसमें से 858.91 वर्ग किलोमीटर जमीन पर दावा जता रहा है।

दोनों राज्यों ने सीमा विवाद को सुलझाने के लिए 12 क्षेत्रीय समितियां बनाई हैं। इन समितियों ने संयुक्त रूप से विवादित इलाकों का दौरा किया है और संबंधित पक्षों के साथ बातचीत भी की है।

भाषा शुभम पारुल

पारुल


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