आइजोल, 10 जनवरी (भाषा) मिजोरम में निवारक उपायों में सुधार के बावजूद वयस्कों में एचआईवी प्रसार दर देश में सबसे अधिक 2.75 प्रतिशत है, जो राष्ट्रीय औसत 0.20 प्रतिशत से काफी ज्यादा है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
मिजोरम राज्य एड्स नियंत्रण सोसाइटी (एमएसएसीएस) की परियोजना निदेशक डॉ. जेन आर राल्टे ने कहा कि राज्य में ‘2018 से एचआईवी संक्रमण के नए मामलों में गिरावट दर्ज की जा रही है।’
उन्होंने यह भी बताया कि मिजोरम राष्ट्रीय एचआईवी रोकथाम रैंकिंग में वर्ष 2025-26 में दो पायदान चढ़कर तीसरे स्थान पर आ गया है जबकि 2024-25 में यह पांचवें स्थान पर था।
राल्टे ने शुक्रवार को पत्रकारों को बताया कि राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (नाको) के अनुसार, एड्स निवारक उपायों और इस दिशा में किए जा रहे प्रयासों के मामले में मिजोरम ने अभूतपूर्व प्रगति की है। नये एचआईवी संक्रमण के मामलों में साल 2018 से लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है।
उन्होंने कहा, ‘इस सकारात्मक रुझान के बावजूद, मिजोरम अब भी देश में सबसे अधिक वयस्क एचआईवी प्रसार दर (2.75 प्रतिशत) वाला राज्य बना हुआ है, जो 0.20 प्रतिशत के राष्ट्रीय औसत से कहीं अधिक है।’
राल्टे ने बताया कि अप्रैल 2024 से नवंबर 2025 के बीच 1.4 लाख से अधिक रक्त नमूनों का परीक्षण किया गया, जिनमें से कम से कम 3,257 में एचआईवी संक्रमण की पुष्टि हुई। इन संक्रमित व्यक्तियों में 179 गर्भवती महिलाओं समेत 953 महिलाएं शामिल थीं।
राल्टे ने बताया कि एचआईवी के सर्वाधिक मामले 25-34 वर्ष के आयु वर्ग में पाए गए हैं। मिजोरम में एचआईवी का पहला मामला अक्टूबर 1990 में सामने आया था और अब तक कुल 33,781 मामले सामने आ चुके हैं।
एमएसएसीएस के एक अधिकारी ने बताया कि फिलहाल राज्य में लगभग 26,321 लोग एचआईवी से संक्रमित हैं।
राल्टे ने यह जानकारी भी दी कि अप्रैल 2024 से नवंबर 2025 के बीच सामने आए 3,257 नए एचआईवी मामलों में से 70.4 प्रतिशत में संक्रमण का कारण यौन संबंध था।
उन्होंने बताया कि इसके अलावा मादक पदार्थों का सेवन करने और विभिन्न लोगों द्वारा एक ही सुई से इंजेक्शन लगाने के कारण 27.3 प्रतिशत, माता-पिता से बच्चों में संक्रमण फैलने के 1.8 प्रतिशत, और अज्ञात कारणों से संक्रमण फैलने के 0.8 प्रतिशत मामले सामने आए।
स्वास्थ्य मंत्री लालरिनपुई ने कहा कि राज्य सरकार एचआईवी संक्रमण की उच्च दर को नियंत्रित करने के लिए कई ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने बताया कि मिजोरम में 14 ‘एंटीरेट्रोवाइरल थेरेपी’ केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां फिलहाल 18,355 संक्रमित मरीजों को मुफ्त उपचार किया जा रहा है।
मंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार अब गिरजाघरों के साथ मिलकर विवाह से पहले एचआईवी का परीक्षण कराने के लिए जागरूकता फैलाने पर विचार कर रही है ताकि लोग अपनी सेहत को लेकर अधिक सतर्क और जिम्मेदार बनें।
भाषा प्रचेता जोहेब
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