Bijli Bill New Plan: बिजली उपभोक्ताओं को बड़ा झटका! अब बिजली बिल में जुड़ सकता है 200 रुपये चार्ज, बीजेपी सरकार ला रही नया नियम

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Bijli Bill New Plan: बिजली उपभोक्ताओं को बड़ा झटका! अब बिजली बिल में जुड़ सकता है 200 रुपये चार्ज, बीजेपी सरकार ला रही नया नियम

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  • Publish Date - March 13, 2026 / 10:54 AM IST,
    Updated On - March 13, 2026 / 10:58 AM IST

Bijli Bill New Plan/Image Source: Symbolic

HIGHLIGHTS
  • फ्री बिजली पर बड़ा झटका
  • अब नहीं मिलेगा जीरो बिजली बिल
  • दिल्ली सरकार ला रही नया नियम

Bijli Bill New Plan: दिल्ली सरकार अपनी फ्री बिजली योजना में बड़ा बदलाव करने की तैयारी कर रही है। नए प्रस्ताव के तहत यदि किसी घर में बिजली की खपत बिल्कुल शून्य है और मकान लंबे समय से बंद पड़ा है, तो ऐसे उपभोक्ताओं को मिलने वाली बिजली सब्सिडी बंद की जा सकती है। इसके बाद उन कनेक्शनों पर करीब 200 रुपये तक का फिक्स्ड चार्ज लगाया जा सकता है।

दिल्ली की फ्री बिजली योजना में बड़ा बदलाव (Electricity Bill New Rule)

Bijli Bill New Plan: सरकार ने उन बिजली कनेक्शनों की पहचान शुरू की है जिन्हें ‘डोरमेंट’ (निष्क्रिय) माना जा रहा है। ये ऐसे कनेक्शन हैं जिनमें मीटर लगा है, लेकिन महीनों तक बिजली की खपत लगभग शून्य रहती है। अभी तक नियम के अनुसार 200 यूनिट तक बिजली खर्च होने पर उपभोक्ताओं का बिल शून्य आता था। इस शून्य बिल में फिक्स्ड चार्ज भी माफ होता था, जिसका भुगतान सरकार सीधे बिजली कंपनियों को सब्सिडी के रूप में करती थी। लेकिन नए प्रस्ताव के मुताबिक, यदि किसी घर में बिजली का उपयोग नहीं हो रहा है और मीटर रीडिंग लगातार शून्य रहती है, तो ऐसे कनेक्शनों पर मिलने वाली सब्सिडी रोकी जा सकती है।

44.5 लाख उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है असर (Free Electricity Scheme)

Bijli Bill New Plan: इस बदलाव का असर राजधानी के करीब 44.5 लाख घरों के बिजली बिलों पर पड़ सकता है। इन उपभोक्ताओं को अब फिक्स्ड चार्ज के रूप में लगभग 200 रुपये तक का भुगतान करना पड़ सकता है। बिजली विभाग द्वारा बिलों के आंकड़ों के विश्लेषण में सामने आया कि साल के तीन से चार महीने, खासकर सर्दियों के दौरान हजारों कनेक्शनों में बिजली की खपत बिल्कुल नहीं होती। माना जा रहा है कि ऐसे कई उपभोक्ता ज्यादातर समय दिल्ली से बाहर रहते हैं या उनके मकान लंबे समय तक खाली रहते हैं। जांच में यह भी सामने आया कि सब्सिडी का अधिक फायदा उठाने के लिए कई लोगों ने एक ही घर में कई बिजली कनेक्शन ले रखे हैं। इसी कारण 2020 से 2025 के बीच दिल्ली में बिजली उपभोक्ताओं की संख्या में 12 लाख से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि पानी के उपभोक्ताओं की संख्या में उतनी वृद्धि नहीं हुई।

लगातार बढ़ रहा सब्सिडी का खर्च

सरकार के इस कदम के पीछे सबसे बड़ा कारण बिजली सब्सिडी पर बढ़ता खर्च है। जब यह योजना वित्त वर्ष 2015-16 में शुरू हुई थी, तब सब्सिडी पर करीब 1,442.76 करोड़ रुपये खर्च हो रहे थे।

  • 2021-22: लगभग 3,250 करोड़ रुपये
  • 2025-26: करीब 4,000 करोड़ रुपये (अनुमानित)

फिलहाल दिल्ली में 62 लाख से अधिक बिजली उपभोक्ता हैं। दिसंबर 2025 के आंकड़ों के अनुसार इनमें से 58.72 लाख उपभोक्ता सब्सिडी का लाभ ले रहे हैं।

जल्द लागू हो सकता है नया नियम (Delhi power subsidy news)

Bijli Bill New Plan: सरकार अब ऐसे निष्क्रिय बिजली कनेक्शनों की पहचान कर नियमों में बदलाव की तैयारी कर रही है। माना जा रहा है कि यह कदम सब्सिडी का सही लाभ जरूरतमंद उपभोक्ताओं तक पहुंचाने और सरकारी खर्च कम करने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है।

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"दिल्ली फ्री बिजली योजना में नया नियम" क्या है?

नए प्रस्ताव के अनुसार जिन घरों में बिजली की खपत लंबे समय तक शून्य रहती है, उन्हें मिलने वाली बिजली सब्सिडी बंद की जा सकती है और उन पर फिक्स्ड चार्ज लगाया जा सकता है।

"डोरमेंट बिजली कनेक्शन" क्या होता है?

डोरमेंट कनेक्शन वह होता है जिसमें बिजली मीटर लगा होता है, लेकिन महीनों तक बिजली की खपत लगभग शून्य रहती है।

"दिल्ली फ्री बिजली योजना 200 यूनिट नियम" क्या है?

दिल्ली में वर्तमान नियम के अनुसार 200 यूनिट तक बिजली खर्च होने पर उपभोक्ताओं का बिल शून्य आता है और सरकार उसकी सब्सिडी देती है।