मिजोरम के गृह मंत्री ने शरणार्थियों को अवैध व्यापार के खिलाफ चेतावनी दी
मिजोरम के गृह मंत्री ने शरणार्थियों को अवैध व्यापार के खिलाफ चेतावनी दी
आइजोल, दो मार्च (भाषा) मिजोरम के गृह मंत्री के. सपडांग ने सोमवार को राज्य विधानसभा में कहा कि पूर्वोत्तर राज्य में शरण लेने वाले कुछ शरणार्थी अवैध वाणिज्यिक गतिविधियों में लिप्त हैं, जिनमें से कुछ व्यक्तियों पर पहले से ही गंभीर कानूनी आरोप हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार ऐसे शरणार्थियों के प्रति सख्त रुख अपना रही है।
मौजूदा बजट सत्र के दौरान सवालों का जवाब देते हुए सपडांग ने कहा कि हालांकि सरकार को ‘आधिकारिक रिपोर्ट’ नहीं मिली है, लेकिन उसे इस बात की जानकारी है कि कुछ शरणार्थी कानून का उल्लंघन करते हुए गुपचुप तरीके से छोटे-मोटे कारोबार चला रहे हैं।
गृह मंत्री ने कहा, ‘अधिकारी इन मामलों की सक्रिय रूप से जांच कर रहे हैं और कई गिरफ्तारियां की हैं…।’
राज्य की बायोमेट्रिक नामांकन प्रक्रिया पर अद्यतन जानकारी देते हुए, सपडांग ने कहा कि पांच फरवरी तक म्यांमा से कुल 26,381 शरणार्थियों का नामांकन हो चुका है, जबकि 1,974 लोगों का पंजीकरण अभी बाकी है।
मिजोरम वर्तमान में 38,000 से अधिक शरणार्थियों को शरण दे रहा है। इनमें म्यांमा और बांग्लादेश से आए शरणार्थियों के साथ-साथ पड़ोसी मणिपुर से आए आंतरिक रूप से विस्थापित लोग (आईडीपी) भी शामिल हैं।
मणिपुर से आए शरणार्थी और विस्थापित अधिकतर लोग ज़ो जातीय समुदाय के हैं, जिनके मिज़ो लोगों के साथ घनिष्ठ सांस्कृतिक संबंध हैं।
सपडांग ने कहा, ‘वे (शरणार्थी) अत्यधिक भय और कठिनाई के कारण मिजोरम आए हैं। वे हमेशा सरकार की इच्छा के अनुसार नहीं रह सकते, न ही वे हमेशा अपनी इच्छा के अनुसार रह सकते हैं। जहां भी जगह मिलती है, वे वहां बिखरे हुए हैं, कुछ स्कूलों में और कुछ रिश्तेदारों के साथ।’
गृह मंत्री ने कहा, ‘हालांकि हमारे पास निर्धारित बस्तियों के लिए योजनाएं हैं, लेकिन उन्हें पूरी तरह से लागू करना अक्सर मुश्किल होता है। यह योजनाकारों के साथ-साथ शरणार्थियों के लिए भी चुनौती है।’
भाषा तान्या अविनाश
अविनाश

Facebook


