MLC टुन्ना पांडेय बीजेपी से सस्पेंड, अपने ही मुख्यमंत्री के खिलाफ कर रहे थे बयानबाजी

MLC टुन्ना पांडेय बीजेपी से सस्पेंड, अपने ही मुख्यमंत्री के खिलाफ कर रहे थे बयानबाजी

Edited By: , June 4, 2021 / 01:56 PM IST

पटना।  बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ बयानबाजी करने वाले बीजेपी नेता और एमएलसी टुन्ना पांडेय को पार्टी से निलंबित कर दिया गया है। इसकी जानकारी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने बताया कि टुन्ना पांडेय पार्टी लाइन के विरुद्ध बयानबाजी कर रहे थे।

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भाजपा ने दी जानकारी
जानकारी के मुताबिक, भाजपा की ओर से इस मामले में विज्ञप्ति जारी की गई। इसमें कहा गया, ‘टुन्ना पांडेय को पार्टी के अनुशासन के विरुद्ध बयान दिए जाने के कारण अनुशासन समिति के अध्यक्ष विनय सिंह ने कारण बताओ नोटिस जारी किया था। इसके बावजूद उन्होंने पार्टी लाइन के विरुद्ध दोबारा एक बयान दे दिया। इससे सिद्ध होता है कि वह अपने आप को पार्टी के दिशा-निर्देश से ऊपर मानते हैं। ऐसे में उन्हें तत्काल प्रभाव से पार्टी से निलंबित किया जाता है।’

<blockquote
class="twitter-tweet"><p lang="en" dir="ltr">Bihar MLC Tunna
Pandey has been expelled from the party for his recent statements
against the party lines: Bihar BJP president Sanjay Jaiswal <a
href="https://t.co/dyc1APW32B">pic.twitter.com/dyc1APW32B</a></p>&mdash;
ANI (@ANI) <a
href="https://twitter.com/ANI/status/1400747018675392516?ref_src=twsrc%5Etfw">June
4, 2021</a></blockquote>
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इससे पहले बिहार विधान परिषद सदस्य टुन्ना पाण्डेय की मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ टिप्पणी को प्रदेश में जदयू के साथ सत्ता में शामिल भाजपा ने इसे गठबंधन धर्म एवं दल के मर्यादा के विरूद्ध बताते हुए अपने एमएलसी को कारण बताओ नोटिस जारी किया था।

बिहार भाजपा अनुशासन समिति के अध्यक्ष विनय सिंह ने बृहस्पतिवार को बताया कि पार्टी एमएलसी टुन्ना जी पाण्डेय की हमारे गठबंधन के नेता एवं बिहार सरकार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विरूद्ध की गई टिप्पणी गठबंधन धर्म एवं दल के मर्यादा तथा पार्टी अनुशासन के खिलाफ है।

सिंह द्वारा एक जून को टुन्ना पाण्डेय को जारी नोटिस में कहा गया है कि एमएलसी द्वारा गठबंधन के नेता एवं बिहार सरकार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विरूद्ध की गई टिप्पणी एवं ट्वीट गठबंधन धर्म एवं दल के मर्यादा के विरूद्ध तथा पार्टी अनुशासन के खिलाफ है।

नोटिस में पाण्डेय से कहा गया है कि वे 10 दिनों के अंदर अपना जवाब दें कि क्यों नहीं पार्टी उनके विरूद्ध अनुशासन कार्रवाई करें।

उल्लेखनीय है कि टुन्ना पांडेय ने 31 मई को सिवान के पूर्व राजद सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन की साजिश के तहत हत्या कर दिए जाने का आरोप लगाते हुए कहा था कि उनको सच बोलने की सजा मिली है। उन्होंने भागलपुर जेल से सिवान आने के बाद कहा था कि नीतीश कुमार परिस्थितियों के मुख्यमंत्री हैं। यही सच बोलने की उन्हें सजा मिली।

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पांडेय ने कहा था कि नीतीश कुमार एक बार दूसरी नंबर की पार्टी और उसके बाद तीसरी नंबर की पार्टी होने के बाद मुख्यमंत्री बने, ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि वे परिस्थितियों के मुख्यमंत्री हैं, ये बात सच है।

अपनी उक्त टिप्पणी के बारे में ट्वीट करते हुए पाण्डेय ने कहा था, ‘‘मैंने जो कहा सच ही कहा, इस बार के भी हुए विधानसभा चुनाव में भी जनता ने तेजस्वी यादव जी को अपना मत देकर चुना था लेकिन सरकारी तंत्र का दुरुपयोग करके नीतीश जी आज सत्ता में राज कर रहे हैं।‘‘

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जदयू के संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवहा ने पाण्डेय के उक्त ट्वीट को साझा करते हुए और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल से कल कहा था, ‘‘यह बयान आप तक भी पहुंच ही रहा होगा। ऐसा बयान अगर किसी जदयू के नेता ने भाजपा या उसके किसी नेता के बारे में दिया होता तो ………..अबतक…………..।’’