मोबाइल दुकानों के नहीं लगाने पड़ेंगे चक्कर, अब घर बैठे ही मिल जाएगा सिम, दूरसंचार विभाग ने जारी किया आदेश 

Mobile shops will not have to go round, now the SIM will be available sitting at home

Edited By: , September 21, 2021 / 10:38 PM IST

नयी दिल्ली, 21 सितंबर (भाषा) ग्राहकों को अब नये मोबाइल कनेक्शन के लिये दुकान के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी। वे ‘ऑनलाइन’ आवेदन दे सकते हैं और आधार या डिजि लॉकर में रखे किसी भी मान्य दस्तावेज के जरिये स्वयं का सत्यापन कर अपने घर पर ही सिम प्राप्त कर सकते हैं। दूरसंचार विभाग ने मंगलवार को इस संबंध में आदेश जारी किया।

दूरसंचार विभाग का यह कदम दूरसंचार क्षेत्र में सुधारों का हिस्सा है। इसे मंत्रिमंडल ने 15 सितंबर को मंजूरी दी थी। नये नियमों के अनुसार ग्राहकों को घर बैठे नये मोबाइल कनेक्शन यानी सिम प्राप्त करने के लिये भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) के आधार से जुड़े ई-केवाईसी (अपने ग्राहक को जानों) सत्यापन के लिये एक रुपया देना होगा।

read more : शिवराज कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक, इन अहम फैसलों पर मंत्रिमंडल ने लगाई मुहर

सरकार नये मोबाइल कनेक्शन जारी करने के लिए आधार से जुड़ी ई-केवाईसी प्रक्रिया को फिर से शुरू करने को लेकर जुलाई 2019 में ही भारतीय टेलीग्राफ अधिनियम, 1885 में संशोधन कर चुकी है।

दूरसंचार विभाग ने कहा, ‘‘दूरसंचार सेवा प्रदाता आधार से जुड़े ई-केवाईसी का उपयोग करके नये मोबाइल कनेक्शन जारी करने के लिए प्रक्रिया का अनुपालन करेंगे।’’ सरकार ने आदेश जारी कर प्रीपेड को पोस्टपेड और पोस्टपेड को प्रीपेड में बदलने को ‘वन-टाइम पासवर्ड’ (ओटीपी) आधारित प्रक्रिया की अनुमति दी है।

read more : शिवसेना-NCP के रिश्तों में कड़वाहट? शरद पवार को लेकर शिवसेना नेता के बयान पर गरमाई सियासत

आदेश के अनुसार, ‘‘ग्राहकों को एक ऐप/पोर्टल-आधारित ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से मोबाइल कनेक्शन जारी किया जाएगा। इसके तहत ग्राहक घर/कार्यालय में बैठे मोबाइल कनेक्शन के लिए आवेदन कर सकता है और यूआईडीएआई (आधार) या डिजि लॉकर के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक रूप से सत्यापित दस्तावेजों का उपयोग करके अपने घर पर सिम प्राप्त कर सकता है।’’

वर्तमान में, नया मोबाइल कनेक्शन प्राप्त करने या मोबाइल कनेक्शन को प्रीपेड से पोस्टपेड या पोस्टपेड से प्रीपेड में बदलने के लिए ग्राहक को केवाईसी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। इसमें पहचान और पते के प्रमाण के मूल दस्तावेजों के साथ संबंधित दूरसंचार सेवा प्रदाता से संबद्ध कंपनी की दुकान में जाना पड़ता है।

आदेश में कहा गया है कि आधार के उपयोग और यूआईडीएआई से इलेक्ट्रॉनिक रूप से अन्य ब्योरे को लेकर ग्राहक की सहमति जरूरी है।