घड़ियाल संरक्षण के लिए ‘रियरिंग सेंटर’ में आधुनिक सुविधाएं विकसित, 80 घड़ियाल शावकों को किया शिफ्ट

घड़ियाल संरक्षण के लिए ‘रियरिंग सेंटर’ में आधुनिक सुविधाएं विकसित, 80 घड़ियाल शावकों को किया शिफ्ट

घड़ियाल संरक्षण के लिए ‘रियरिंग सेंटर’ में आधुनिक सुविधाएं विकसित, 80 घड़ियाल शावकों को किया शिफ्ट
Modified Date: June 2, 2026 / 05:11 pm IST
Published Date: June 2, 2026 5:11 pm IST

जयपुर, दो जून (भाषा) राजस्थान में वन विभाग के संरक्षण प्रयास के तहत रणथम्भौर बाघ अभयारण्य की पालीघाट रेंज के ‘रियरिंग सेंटर’ में सोमवार को 80 घड़ियाल शावकों (हैचलिंग्स) को सफलतापूर्वक पहुंचाया गया। वन विभाग ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों के अनुसार, इससे पहले यहां 100 घड़ियाल शावक पहुंचाये गये थे।

रणथम्भौर बाघ अभयारण्य के उप वनसंरक्षक मानस सिंह ने बताया कि इन घड़ियाल शावकों के संरक्षण-संवर्धन और प्राकृतिक वातावरण के अनुरूप पालन-पोषण के वास्ते ‘रियरिंग सेंटर’ में विभिन्न आधुनिक सुविधाओं की व्यवस्था की गयी है।

उन्होंने बताया कि ‘रियरिंग सेंटर’ में शावकों के लिए नए टैंकों की स्थापना की गई है, जिनमें ‘थर्मल’ और ‘डे-लाइट’ स्रोत, आधुनिक ‘वेव मेकर’ (लहरें पैदा करने वाली मशीन), नवीन कृत्रिम टैंक और सुरक्षा कैमरों की व्यवस्था की गई है।

उप वनसंरक्षक के अनुसार इन सुविधाओं का उद्देश्य घड़ियाल शावकों को उनके प्राकृतिक आवास के समान वातावरण उपलब्ध कराना है, जिससे उनके स्वस्थ विकास और व्यवहारिक अनुकूलन में भी सहायता मिल सके।

उन्होंने बताया कि इसके अलावा, घड़ियाल शावकों को भोजन के रूप में जीवित मछलियां उपलब्ध कराई जाएंगी ताकि वे प्राकृतिक रूप से शिकार करने की प्रवृत्ति विकसित कर सकें और अपने स्वाभाविक व्यवहार को बनाए रख सकें।

भाषा बाकोलिया राजकुमार

राजकुमार


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