Ethanol Stoves: क्या बंद हो जाएंगे LPG सिलेंडर? लो आ गया एथेनॉल से चलने वाला सस्ता चूल्हा.. जानें, अब कैसे कम खर्चे और बिना धुएं के पकेगा खाना

Ethanol Stoves: भारत में बढ़ती हुई LPG कीमतों और दुनिया भर के झमेलों के बीच, घरेलू ईंधन के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है... केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने, हाल ही में इस पर बड़ा बयान देते हुए कहा कि...

Ethanol Stoves: क्या बंद हो जाएंगे LPG सिलेंडर? लो आ गया एथेनॉल से चलने वाला सस्ता चूल्हा.. जानें, अब कैसे कम खर्चे और बिना धुएं के पकेगा खाना

Ethanol Stove/Image Credit: ScreenGrab / @Grok

Modified Date: June 2, 2026 / 04:51 pm IST
Published Date: June 2, 2026 4:47 pm IST
HIGHLIGHTS
  • LPG सिलेंडर को टक्कर देगा Ethanol Stove?
  • अब पानी और एथेनॉल से जलेगा, घर का चूल्हा?

Ethanol Stoves: भारत में बढ़ती हुई LPG कीमतों और दुनिया भर के झमेलों के बीच, घरेलू ईंधन के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। हाल ही में, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मई 2026 में नागपुर में एक नया स्वदेशी एथेनॉल बेस्ड कुकिंग स्टोव (Ethanol Stove Technology) को पेश किया है तथा उन्होंने बयान देते हुए कहा कि हमारे देश में एथेनॉल आधारित चूल्हा तकनीक, कमर्शियल एलपीजी (LPG) सिलिंडर की तुलना में काफी सस्ती और सुरक्षित साबित हो सकती है। उनके अनुसार, यह दवा किया गया है कि 7% एथेनॉल + 93% पानी के मिश्रण से स्टोव जैसी स्थिर और स्वच्छ लौ उत्पन्न होती है, जो खाना पकाने के लिए इस्तेमाल की जा सकती है।

Ethanol Stove Technology: कैसे काम करता है एथेनॉल स्टोव?

यह स्टोव एथेनॉल और पानी के मिश्रण पर चलता है। वर्तमान की बात करें तो बाज़ार में उपलब्ध एथेनॉल चूल्हों में बेहतर परफॉर्मेंस और स्वच्छ नीली लौ के लिए 70% से 90% तक शुद्ध एथेनॉल का उपयोग किया जाता है। कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि नए बर्नर, प्रेशर सिस्टम और प्री-हीटिंग तकनीक के सही इस्तेमाल से इस चूल्हे पर खाना बनाना बेहद आसान और परेशानी मुक्त हो जाता है।

क्या हैं एथेनॉल स्टोव के फायदे? Ethanol Stove V/s LPG

  • एथेनॉल स्टोव को LPG का सस्ता और बेहतर विकल्प बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इस स्टोव के कई लाभ हैं :
  • केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के अनुसार, 7% एथेनॉल + 93% पानी के मिश्रण से LPG सिलेंडर से भी सस्ता खाना पकाया जा सकता है।
  • इसका सबसे बड़ा लाभ स्वास्थ्य और पर्यावरण का है। नीली लौ (Blue Flame) से जलने के कारण, एथेनॉल से बहुत काम मात्रा में धुआं और कालिख पैदा होती है, जिससे वायु प्रदुषण काम होगा साथ ही महिलाओं और बच्चों में होने वाले सांस संबंधी रोग, आँखों की समस्या काफी हद तक कम होगी। घरेलू खर्चों में 30 से 50% तक बचत की संभावना है।
  • इथेनॉल का उत्पादन गन्ना, मोलासेस और कृषि अशिष्ट से होता है, जो स्थानीय स्तर पर सस्ता उपलब्ध हो सकता है जिससे किसानों की आय में वृद्धि होगी।
  • एलपीजी (LPG) के बढ़ते दाम और सब्सिडी के बोझ से छुटकारा मिलेगा।

LPG Cylinder: क्या है सुरक्षा संबंधी चुनौतियाँ? (Safety Challenges)

एथेनॉल अत्यधिक ज्वलनशील पदार्थ है। हालांकि, एलपीजी सिलेंडर (LPG Cylinder) की तुलना में एथेनॉल स्टोव में ब्लास्ट या गैस लीकेज का खतरा बहुत काम होता है, क्योंकि एथेनॉल को अत्यधिक दबाव (High Pressure) में नहीं रखा जाता। फिर भी, इस तकनीक के साथ कुछ अन्य चुनौतियाँ जुड़ी हैं:

  • स्पिल होने पर आग लगने का खतरा बढ़ जाता है।
  • शुद्ध एथेनॉल जब जलता है तो दिन के उजाले में उसकी नीली लौ, कई बार आँखों में दिखाई नहीं देती (Invisible Flame), जिससे दुर्घटना होने का खतरा रहता है।
  • एथेनॉल एक अत्यधिक ज्वलनशील (Highly Flammable) पदार्थ है यदि चूल्हा जलाते वक़्त उसमें दुबारा ईंधन डाला जाए, तो अचानक से आग के भभकने का डर रहता है।

Ethanol Stove V/s LPG: एथेनॉल का उपयोग करते वक़्त, बरती जाने वाली सावधानियाँ!

  • कभी भी गरम या जलते हुए चूल्हे के टैंक में एथेनॉल डालने की गलती न करें, चूल्हे के पूरी तरह से ठंडा होने के बाद ही उसे रीफिल करें।
  • ईंधन भरते वक़्त, अगर थोड़ा सा भी एथेनॉल फर्श या चूल्हे के आस-पास गिर जाए या फैल जाए, तो उसे तुरंत साफ़ करें और जगह को हवादार बनाएं।
  • हमेशा ऐसे एथेनॉल स्टोव का ही उपयोग करें जिनमें आधुनिक प्रेशर रेगुलेटर (Pressure Regulator), प्री-हीटिंग और सेफ्टी वाल्व की सुविधा की गई हो।
  • एथेनॉल के कंटेनर को हमेशा अच्छी तरह से बंद करें अथवा एयरटाइट रखें। सीधी धूप व बच्चों की पहुँच से भी दूर रखें।
  • अच्छी हवादार जगह पर ही इसका इस्तेमाल करें।

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लेखक के बारे में

Swati Shah, Since 2023, I have been working as an Executive Assistant at IBC24, No.1 News Channel in Madhya Pradesh & Chhattisgarh. I completed my B.Com in 2008 from Pandit Ravishankar Shukla University, Raipur (C.G). While working as an Executive Assistant, I enjoy posting videos in the digital department.