मोदी सरकार ने जीता नक्सल प्रभावित इलाकों के गरीबों का दिल: शाह

मोदी सरकार ने जीता नक्सल प्रभावित इलाकों के गरीबों का दिल: शाह

मोदी सरकार ने जीता नक्सल प्रभावित इलाकों के गरीबों का दिल: शाह
Modified Date: February 23, 2024 / 09:07 pm IST
Published Date: February 23, 2024 9:07 pm IST

(फाइल फोटो के साथ)

नयी दिल्ली, 23 फरवरी (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार ने विकास और सुरक्षा के लिए समग्र दृष्टिकोण के साथ नक्सलियों को जबरदस्त झटका दिया है और वामपंथी उग्रवाद अब अंतिम सांस ले रहा है।

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की दूरदर्शी नीतियों के कारण वामपंथी उग्रवाद अब अपना आधार खो चुका है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने नक्सलवाद प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले गरीबों का दिल जीत लिया है।

शाह ने हैशटैग ‘नक्सलफ्रीभारत’ के साथ ‘एक्स’ पर कई पोस्ट में कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने नक्सलवाद पर अंकुश लगाने के लिए एक आक्रामक रणनीति अपनाई है। उन्होंने कहा, ‘‘वामपंथी उग्रवाद पर कड़े प्रहार के परिणामस्वरूप, यह आज अंतिम सांस ले रहा है।’’

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं पर पर्याप्त ध्यान देकर और शिक्षा बुनियादी ढांचे का निर्माण करके नक्सलवाद प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले गरीबों का दिल जीत लिया है।

शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने नक्सलवाद प्रभावित क्षेत्रों में विकास और सुरक्षा के समग्र दृष्टिकोण के साथ नक्सलवाद पर जबरदस्त प्रहार किया है।

उन्होंने कहा, ‘‘मोदी सरकार ने समग्र विकास के लिए राज्य सरकारों को साथ लेकर लोगों का विश्वास जीता है।’’

उन्होंने कुछ वीडियो भी पोस्ट किए जिनमें नक्सली मुद्दों, इस समस्या के कारण लोगों को हुए नुकसान और हताहतों तथा सरकार इस समस्या से कैसे निपट रही है, का विवरण दिया गया है।

गृह मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक 2004-14 की तुलना में 2014-23 के दशक में वामपंथी उग्रवाद से जुड़ी हिंसा में 52 प्रतिशत की गिरावट आई है और मृतकों की संख्या 69 प्रतिशत घटकर 6035 से 1868 हो गई है।

इनके अनुसार इसी तरह वामपंथी उग्रवाद की घटनाएं 14,862 से घटकर 7,128 रह गई हैं। वामपंथी उग्रवाद के कारण जान गंवाने वाले सुरक्षा बलों के जवानों की संख्या 2004-14 में 1750 से 72 प्रतिशत कम होकर 2014-23 के दौरान 485 रह गई है और नागरिकों के मौत के मामलों में भी 68 प्रतिशत तक कमी आई है और यह संख्या 4285 से घटकर 1383 रह गई है।

भाषा

देवेंद्र माधव

माधव


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