मोहन यादव पद छोड़ें, जमीन घोटाले पर श्वेत पत्र जारी किया जाए: कांग्रेस
मोहन यादव पद छोड़ें, जमीन घोटाले पर श्वेत पत्र जारी किया जाए: कांग्रेस
नयी दिल्ली, दो जुलाई (भाषा) कांग्रेस ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के खिलाफ कथित जमीन घोटाले के आरोपों को लेकर बृहस्पतिवार को कहा कि उज्जैन से जुड़े भूमि प्रकरण पर श्वेत पत्र जारी किया जाए और उच्चतम न्यायालय के किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में जांच हो।
पार्टी नेता प्रवीण पाठक ने यह भी कहा कि जांच होने तक यादव मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दें।
उन्होंने यह घोषणा की कि कांग्रेस राम मंदिर में चढ़ावे की ‘लूट’ और उज्जैन में जमीन की ‘लूट’ के खिलाफ अभियान भी शुरू करेगी।
पाठक ने यहां कांग्रेस कार्यालय में संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमने हमेशा सुना कि राजनीतिक दल चंदे से चलते हैं, लेकिन पहली बार देखा कि एक पार्टी चंदा ही खा गई। जो रामराज्य की बात करते थे, वे राम मंदिर का चंदा खा गए।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर में दान की राशि की कथित चोरी के मामले पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा का शीर्ष नेतृत्व मौन है।
पाठक ने दावा किया कि मुख्यमंत्री मोहन यादव पर जमीन घोटाले के आरोप लगने के 10 दिन बाद भी भाजपा नेतृत्व और राज्य सरकार की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया है।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा, ‘‘हम सभी ने सुना है कि नेता जमीन से जुड़ा होना चाहिए, लेकिन भाजपा के लोग इसे कुछ और समझ बैठे। मोहन यादव ‘जमीन’ से तो नहीं जुड़े, लेकिन कई ‘जमीनों’ से जुड़ गए।’’
कांग्रेस नेता ने कहा कि पार्टी ने उज्जैन से लेकर अयोध्या तक हुए कथित घोटालों और लूट के खिलाफ अभियान शुरू करने का फैसला किया है। इसके तहत पार्टी के नेता प्रदेशभर में संवाददाता सम्मेलन करेंगे और एक ऑनलाइन पोर्टल भी शुरू किया जाएगा, जहां लोग विभिन्न विभागों से जुड़ी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे।
कांग्रेस नेता ने मांग की कि मध्य प्रदेश सरकार कथित जमीन घोटाले पर श्वेत पत्र जारी करे। उन्होंने कहा कि मामले की जांच के लिए उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में एक न्यायिक समिति गठित की जाए।
पाठक ने कहा, ‘‘न्यायिक समिति की जांच पूरी होने तक मोहन यादव मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दें।’’
भाषा हक हक नरेश धीरज
धीरज

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