धन शोधन मामला: जैकलीन फर्नांडीज को उच्चतम न्यायालय से याचिका वापस लेने की अनुमति मिली

धन शोधन मामला: जैकलीन फर्नांडीज को उच्चतम न्यायालय से याचिका वापस लेने की अनुमति मिली

धन शोधन मामला: जैकलीन फर्नांडीज को उच्चतम न्यायालय से याचिका वापस लेने की अनुमति मिली
Modified Date: June 25, 2026 / 02:02 pm IST
Published Date: June 25, 2026 2:02 pm IST

नयी दिल्ली, 25 जून (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडीज को उस याचिका को वापस लेने की इजाजत दे दी, जिसमें उन्होंने 200 करोड़ रुपये के धन शोधन मामले में अपने खिलाफ आरोप तय करने के दिल्ली की एक अदालत के आदेश को चुनौती दी थी।

न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने कहा, ‘‘याचिकाकर्ता (अभिनेत्री) के वकील ने कानून के मुताबिक सही उपाय अपनाने की छूट के साथ इस विशेष अनुमति याचिका को वापस लेने की इजाजत मांगी है।’’

उच्चतम न्यायालय ने याचिकाकर्ता के अनुरोध के अनुसार सही उपाय अपनाने की छूट के साथ याचिका वापस लेने की इजाजत दे दी।

दिल्ली की एक अदालत ने 30 मई को इस मामले में अभिनेत्री जैकलीन, कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर और 15 अन्य लोगों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया था। अभिनेत्री ने इस आदेश के खिलाफ शीर्ष अदालत का रुख किया था।

अधीनस्थ अदालत ने शहर पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ द्वारा दर्ज एक और मामले में चंद्रशेखर और 20 अन्य लोगों के खिलाफ़ कड़े मकोका कानून के प्रावधानों सहित कई अपराधों के लिए आरोप तय करने का भी निर्देश दिया।

दिल्ली की एक अदालत ने तीन जून को धन शोधन मामले में औपचारिक रूप से आरोप तय किए थे।

उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा ने 11 जून को जैकलीन की याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग कर लिया था।

एजेंसी द्वारा दायर पूरक आरोपपत्र में पहली बार जैकलीन का नाम आरोपी के तौर पर दर्ज किया गया। उन्हें जांच के सिलसिले में कई बार प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने समन भेजा था।

ईडी ने दूसरी पूरक शिकायत में आरोप लगाया कि अभिनेत्री चंद्रशेखर के लगातार संपर्क में थीं और उन्होंने चंद्रशेखर की सहयोगी पिंकी ईरानी के ज़रिए उससे कीमती तोहफे लिए थे।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, चंद्रशेखर जेल के अंदर से एक संगठित अपराध नेटवर्क चला रहा था और प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ), गृह मंत्रालय और कानून एवं न्याय मंत्रालय के वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों का फर्जी रूप धरकर लोगों को ठग रहा था।

ईडी का आरोप है कि चंद्रशेखर ने जबरन वसूली, धोखाधड़ी, गलत पहचान बताकर और आपराधिक धमकी देकर 200 करोड़ रुपये से ज्यादा की अवैध कमाई की और बाद में अपने सहयोगियों की मदद से इसे छिपाया, अपने पास रखा, हस्तांतरित किया और इसे साफ-सुथरी संपत्ति के तौर पर पेश किया।

भाषा वैभव मनीषा

मनीषा


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