मानसून का कहर: महाराष्ट्र और हिमाचल में चार लोगों की मौत, ओडिशा में अलर्ट
मानसून का कहर: महाराष्ट्र और हिमाचल में चार लोगों की मौत, ओडिशा में अलर्ट
(फोटो सहित)
नयी दिल्ली, छह जुलाई (भाषा) मानसून ने सोमवार को देश के कई हिस्सों में कहर बरपाया। महाराष्ट्र और हिमाचल प्रदेश में बारिश से जुड़ी घटनाओं में लोगों की जान गई, रेल और सड़क यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ, भूस्खलन और बाढ़ की घटनाएं सामने आईं तथा ओडिशा के कई कस्बे जलमग्न हो गए। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कई राज्यों में भी भारी बारिश जारी रहने का अनुमान जताया है।
महाराष्ट्र के पुणे में बारिश से जुड़ी घटनाओं में तीन लोगों की मौत के साथ पिछले तीन-चार दिन में राज्य में ऐसी घटनाओं में कुल 13 लोगों की जान जा चुकी है। वहीं, हिमाचल प्रदेश में सोमवार को 14 वर्षीय एक लड़की की उस समय मौत हो गई, जब वह पहाड़ी से गिरे पत्थर की चपेट में आ गई। यह घटना उस वक्त हुई जब वह एक वाहन में सवार थी।
लगातार तीसरे दिन भी मूसलाधार बारिश के कारण ओडिशा में पूरे राज्य में अलर्ट जारी रहा।
आईएमडी ने मुंबई, ठाणे और रायगढ़ के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी करते हुए तेज हवाओं के साथ भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है।
शहर का रेल नेटवर्क बुरी तरह प्रभावित होने के कारण मुंबई में जनजीवन लगभग ठहर गया। कर्जत-लोनावला के भोर घाट खंड में कई स्थानों पर भूस्खलन होने के कारण मुंबई-पुणे रेल मार्ग पर ट्रेन सेवाएं निलंबित कर दी गईं।
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे को तब बंद कर दिया गया जब सड़क पर कंक्रीट का एक खंभा गिर गया, जबकि पुराना मुंबई-पुणे हाईवे भी कई जगहों पर पानी भर जाने के कारण बंद कर दिया गया।
मुंबई-अहमदाबाद रेल कॉरिडोर पर पश्चिम रेलवे की सेवाएं भी जलभराव के कारण प्रभावित रहीं, जिससे 40 से अधिक ट्रेन सेवाओं पर असर पड़ा।
कम से कम 10 ट्रेन रद्द करनी पड़ीं, जबकि आठ ट्रेन का समय पुनर्निर्धारित किया गया। इसके अलावा कई ट्रेन के मार्ग बदले गए या उन्हें निर्धारित गंतव्य से पहले ही समाप्त कर दिया गया। लंबी दूरी की 20 से अधिक ट्रेन विभिन्न स्थानों पर फंसी रहीं।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने स्थिति की समीक्षा की और मध्य रेलवे तथा पश्चिम रेलवे के अधिकारियों को रेल सेवाएं जल्द बहाल करने के लिए राहत एवं मरम्मत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
प्रशासन ने निजी कार्यालयों के कर्मचारियों को घर से काम करने की सलाह दी है, जबकि गैर-आवश्यक सरकारी और अर्ध-सरकारी संस्थानों के लिए आधे दिन की छुट्टी घोषित की गई।
पुणे जिले की मावल तहसील में भूस्खलन के कारण एक मकान मलबे में दब गया, जिससे दो लोगों की मौत हो गई। वहीं, खेड़ तहसील में जलमग्न सड़क पर बह जाने से एक अन्य व्यक्ति की जान चली गई।
मुंबई से सटे ठाणे में एक उखड़े हुए विशाल पेड़ को हटाने के दौरान एक अग्निशमन कर्मी घायल हो गया। इसके अलावा, होर्डिंग गिरने और दीवार ढहने की अलग-अलग घटनाएं भी सामने आईं।
पड़ोसी पालघर जिले में तेज हवाओं के कारण एक आवासीय विद्यालय में टिन की छत वाले शेड उड़ गए और कई पेड़ उखड़ गए। हालांकि, विद्यालय के सभी 350 छात्र सुरक्षित बताए गए हैं।
पालघर जिले के कुछ हिस्सों में मात्र दो घंटे के भीतर लगभग 300 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिससे बाढ़ जैसी स्थिति और गंभीर हो गई तथा यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई।
मौसम की स्थिति और अधिक बिगड़ने के बाद आईएमडी ने मुंबई के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ को बढ़ाकर ‘रेड अलर्ट’ कर दिया। मौसम विभाग ने भारी से बहुत भारी बारिश, 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने, निचले इलाकों में जलभराव, भूस्खलन तथा परिवहन और नागरिक सेवाओं में व्यवधान की चेतावनी जारी की है।
भारी बारिश के कारण महाराष्ट्र विधानमंडल के दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित कर दी गई। वहीं, बंबई उच्च न्यायालय ने अधिवक्ताओं को आश्वस्त किया कि यदि वे खराब मौसम के कारण अदालत नहीं पहुंच पाते हैं, तो उनके मामलों में कोई प्रतिकूल आदेश पारित नहीं किया जाएगा।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भारी बारिश को अप्रत्याशित स्थिति बताया और कहा कि आपदा प्रबंधन एजेंसियां पूरी तरह से सक्रिय हैं।
उन्होंने कहा कि जहां आम तौर पर पूरे मानसून में लगभग 800 पेड़ गिरते हैं, वहीं रविवार को ही करीब 350 पेड़ गिर गए।
हिमाचल प्रदेश में भी वर्षा जनित घटना में एक मौत दर्ज की गई। राज्य में रातभर हुई भारी बारिश के कारण अचानक बाढ़ आने की घटनाएं हुईं और चंबा तथा कुल्लू जिलों में कई प्रमुख सड़कें अवरुद्ध हो गईं।
लगातार बारिश के कारण जलाशय का जलस्तर बढ़ने पर अधिकारियों ने पार्वती पावर स्टेशन-तीन के जलाशय से सैंज नदी में नियंत्रित तरीके से अतिरिक्त लगभग 50 क्यूमेक पानी छोड़े जाने का आदेश दिया।
अधिकारियों के अनुसार, मंडी जिले के जोगिंदरनगर में सबसे अधिक 97 मिलीमीटर (मिमी) बारिश दर्ज की गई। इसके बाद कांगड़ा में 74.8 मिमी, पालमपुर में 35.4 मिमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग ने मंगलवार को कांगड़ा, मंडी, शिमला और सोलन में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया है।
ओडिशा में सोमवार को लगातार तीसरे दिन भी बारिश होती रही। बारिश के मद्देनजर राज्य सरकार ने पूरे राज्य को अलर्ट पर रखा है। आईएमडी ने सात जुलाई तक और वर्षा होने का अनुमान जताया है।
कटक, कंधमाल, संबलपुर, सोनपुर और बरगढ़ समेत कई जिलों में स्कूल और कॉलेज बंद रहे।
आईएमडी के अनुसार, सोमवार सुबह साढ़े आठ बजे तक पिछले 24 घंटों में राज्य के 12 स्थानों पर 200 मिलीमीटर से अधिक वर्षा दर्ज की गई।
सोनपुर में सबसे अधिक 328.4 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। इसके बाद सोनपुर जिले के उल्लुंडा में 290 मिलीमीटर बारिश हुई।
मौसम विभाग ने कहा कि दबाव का क्षेत्र बनने से ओडिशा में अधिकतर जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। इसके साथ ही छह और सात जुलाई को कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश और आठ जुलाई को कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है।
आईएमडी ने मछुआरों को सलाह दी है कि वे सात जुलाई तक उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और ओडिशा व पश्चिम बंगाल के तटों के पास न जाएं।
दक्षिण-पश्चिमी मानसून के असर से राजस्थान की राजधानी जयपुर सहित विभिन्न जिलों में जोरदार बारिश हुई है। सोमवार सुबह तक चौबीस घंटे में राज्य में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा व कहीं-कहीं भारी बारिश हुई। सबसे अधिक 75 मिलीमीटर बारिश सीकर के श्रीमाधोपुर में दर्ज की गई।
राज्य में छह से नौ जुलाई के दौरान दक्षिण-पूर्वी भागों में कहीं-कहीं भारी और अति भारी बारिश होने की संभावना है।
इसी तरह पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर, बीकानेर संभाग के कुछ भागों में आगामी दिनों में मेघगर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने व सात-आठ जुलाई को कहीं-कहीं भारी बारिश होने का अनुमान है।
राष्ट्रीय राजधानी में सोमवार की सुबह अपेक्षाकृत ठंडी रही। दिल्ली का न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस मौसम के सामान्य तापमान से 0.9 डिग्री सेल्सियस कम है।
आईएमडी ने कहा है कि अगले कुछ दिनों तक पश्चिमी, मध्य और उत्तरी भारत के कई हिस्सों में मानसून की सक्रिय स्थिति बनी रहने की संभावना है। इसे देखते हुए आपदा प्रबंधन एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है, जबकि प्रशासन बाढ़, भूस्खलन और परिवहन संबंधी जोखिमों पर लगातार नजर बनाए हुए है।
भाषा आशीष नेत्रपाल
नेत्रपाल

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