हरियाणा में मतदाता विवरण के घर-घर सत्यापन के लिए 20,000 से अधिक बीएलओ तैनात किए जाएंगे

हरियाणा में मतदाता विवरण के घर-घर सत्यापन के लिए 20,000 से अधिक बीएलओ तैनात किए जाएंगे

हरियाणा में मतदाता विवरण के घर-घर सत्यापन के लिए 20,000 से अधिक बीएलओ तैनात किए जाएंगे
Modified Date: May 21, 2026 / 05:20 pm IST
Published Date: May 21, 2026 5:20 pm IST

चंडीगढ़, 21 मई (भाषा) हरियाणा में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम के तहत 15 जून से 14 जुलाई तक 20,000 से अधिक बूथ स्तर के अधिकारी (बीएलओ) मतदाता सूचनाओं का घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे।

राज्य में महीने भर चलने वाले इस अभियान को पूरा करने के लिए कुल 20,629 बीएलओ नियुक्त किए गए हैं।

हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) ए. श्रीनिवास ने बुधवार को राज्य के सभी मान्यता प्राप्त दलों से ‘त्रुटिहीन और सटीक मतदाता सूची’ तैयार करने के लिए आगामी सप्ताह में बूथ स्तर के एजेंट (बीएलए) नियुक्त करने का आग्रह किया।

श्रीनिवास ने बृहस्पतिवार को यहां संवाददाताओं को बताया कि राजनीतिक दलों द्वारा करीब 13,000 बीएलए नियुक्त किए जा चुके हैं।

उन्होंने बताया कि 12 मई तक हरियाणा में मतदाताओं की कुल संख्या 2,06,63,155 थी।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बुधवार को उपायुक्तों-सह-जिला निर्वाचन अधिकारियों को गुरुग्राम, फरीदाबाद, पंचकूला और सोनीपत जैसे शहरों में रेसिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) के साथ तालमेल बिठाने का निर्देश दिया। इन शहरों में बड़ी संख्या में बहुमंजिला आवासीय सोसायटी हैं, जहां अक्सर बीएलओ को प्रवेश नहीं दिया जाता है।

उन्होंने निर्देश दिया कि आरडब्ल्यूए को एसआईआर के लिए जानकारी जुटाने के वास्ते बीएलओ और बीएलए को प्रवेश देने के निर्देश दिए जाने चाहिए।

मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों द्वारा संबंधित मतदान केंद्र क्षेत्रों के लिए बीएलए नामित किए जाते हैं, जो निर्वाचन प्राधिकारी द्वारा नियुक्त बीएलओ के साथ मिलकर काम करते हैं।

सीईओ ने बताया कि राज्य में मतदाता सूचियों के बूथवार मिलान का काम 64 प्रतिशत पूरा हो चुका है।

उन्होंने एसआईआर को मतदाता सूची का पूरी तरह से कायाकल्प करने वाला अभियान बताया, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि कोई भी पात्र मतदाता छूट न जाए और कोई अपात्र मतदाता इसमें शामिल न हो।

उन्होंने कहा कि मतदाता सूची सुधार अभियान के दौरान लोगों की मदद के लिए सभी जिला मुख्यालयों और विधानसभा क्षेत्रों में सहायता केंद्र बनाए जाएंगे।

राज्य में आखिरी बार ऐसा विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम वर्ष 2003 में संचालित किया गया था।

भाषा सुमित नरेश

नरेश


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